विश्व का भूगोल (World Geography)

विश्व भूगोल: सामान्य परिचय

World geography
विश्व का भूगोल

➥ भूगोल वह शास्त्र है जिसके द्वारा पृथ्वी के प्राकृतिक विभागो (नदी, पहाड़, मैदान, पठार, वन, झील, देश, नगर आदि) और उपरी स्वरूप इसके का ज्ञान होता है। भूगोल शब्द भू (पृथ्वी) तथा गोल से मिलकर बना है।

➥ भूगोल का आरम्भिक ज्ञान देने का श्रेय यूनान को जाता है। यहां पर भूगोल के जनक हिकेटियस का जन्म हुआ तथा उन्होने 500 ईसा पूर्व “जेस पीरियोड़स” नामक पुस्तक की रचना की जिसमें उन्होने सम्पूर्ण पृथ्वी के स्थल भाग को दो विशाल भू-खण्डो के रूप में विभक्त होने व चारो तरफ से विशाल सागर से घिरे होने की बात की।

➥ इनके शिष्य हेरोडोट्स ने हिस्टोरिका नामक पुस्तक की रचना 450 ईसा पूर्व में की। इन्होने तत्कालिन राजव्यवस्था, बाजार व सामाजिक जीवन को अपनी पुस्तक में लिखा इसलिए यह पुस्तक इतिहास का आधार बनी। इन्होने हिकेटियस की कल्पना के आधार पर विश्व का मानचित्र बनाया था।

➥ इसके कुछ समय पश्चात 240 ईसा पूर्व इरेटोस्थनीज ने भूगोल के क्षेत्र में ज्योग्राफिका पुस्तक की रचना की जिसमें उन्होन काल्पनिक रेखाओ की सहायता से पृथ्वी की परिधि की गणना की। ये काल्पनिक रेखाएं अक्षांश व देशान्तर कहलाई।

➥ इरेटोस्थनीज ने भूगोल के स्थान पर पहली बार जियोग्राफी शब्द का प्रयोग किया। जो यूनानी/ ग्रीक भाषा के शब्द Geo+Graphie से मिलकर बना है। यहां जियो(Geo) का तात्पर्य पृथ्वी तथा Graphie का अर्थ वर्णन अथवा व्याख्या करना है।

आधुनिक भूगोल

➥ 20वीं सदी के आरम्भ में भूगोल के अध्ययन को लेकर दो प्रकार की विचार धाराएं थी-

(1) सम्भावनावाद

(2) नियतिवाद

सम्भावनावाद के अनुसार मनुष्य अपने आस पास के पर्यावरण को अपनी इच्छा के अनुसार परिवर्तित कर सकता है।

जबकि नियतिवाद के अनुसार मनुष्य के आस पास का पर्यावरण प्रकृति के द्वारा निर्धारित होता है तथा मनुष्य का उसमें हस्तक्षेप असंभव है।

आधुनिक भूगोल का जनक अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट व कार्ल रीटर को माना जाता है। इन्होने 1793 में भूगोल को भौतिक व मानव भूगोल नामक दो शाखाओ में विभक्त किया।

अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट ने भौतिक भूगोल का प्रतिपादन अपनी पुस्तक कॉसमॉस में किया।

कार्ल रिटर ने अपनी पुस्तक अर्डकुण्डे से मानव भूगोल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अर्डकुण्डे के 21 भाग प्रकाशित हुए।

मानव भूगोल का जनक/पिता फेडरिक रेटजेल को माना जाता है जिन्होने अपने ग्रंथ एन्थ्रोपोज्योग्राफी के माध्यम से इसका विकास आरम्भ किया।

भूगोल की शाखाएं

भौतिक भूगोल – इसमें पृथ्वी पर स्थित पर्वत, पठार, झील, नदी, देश, घास के मैदान, ज्वालमुखी आदि का अध्ययन किया जाता है। इसकी निम्नलिखित उप शाखाएं है-

  • भूगणित भूगोल
  • स्थलाकृति भूगोल
  • जलवायू विज्ञान
  • समुन्द्र विज्ञान
  • जैव भूगोल
  • मृदा भूगोल
  • पारिस्थितिकी भूगोल

मानव भूगोल – इसमें मानव पर प्रकृति द्वारा उसके आस पास के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाता है। इसकी निम्नलिखित उप शाखाएं है-

  • सांस्कृतिक भूगोल
  • राजनीतिक भूगोल
  • आर्थिक भूगोल
  • जनसंख्या भूगोल
  • प्रादेशिक भूगोल
  • आवासीय भूगोल

महत्वपुर्ण घटनाएं

समय

घटना

2300 ई.पू.

पत्थर पर बना पहला नगर मानचित्र मेसोपोटामिया के लगश नामक स्थान पर मिला।

500 ई.पू.

-हिकेटियस ने भूगोल की पहली रचना जेस पीरियोड्स लिखी।

450 ई.पू.

-हेरोडोट्स ने ज्ञात संसार का पहला मानचित्र बनाया।

240 ई.पू.

-इरेस्टोस्थनीज ने पृथ्वी की परिधि की गणना की

77 ई.

-पिन्नी ने भूगोल का विश्वकोष लिखा।

150 ई.

-टॉलेमी ने संसार का प्रथम नाम सहित मानचित्र बनाया

1030 ई.

-किताब-उल-हिन्द/भारत का भूगोल नामक पुस्तक अलबरूनी द्वारा लिखी गई

1909 ई.

-पिअरी उतरी ध्रुव पर पहुंचा

1911 ई.

-एमण्डसन दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचा

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

जनक/निर्माता

भूगोलवेता

भूगोल का जनक

-हिकेटियस

व्यवस्थित भूगोल का जनक

-इरेस्टॉस्थनीज

सांस्कृतिक भूगोल का जनक

-कार्ल ओ सावर

गणितीय भूगोल का जनक

-थेल्स व एनेक्सीमीण्डर

विश्व ग्लोब का जनक

-मार्टिन बैहम

वर्तमान विश्व मानचित्र का निर्माता

-अनेगजी मेण्डर

भारत का प्रथम मानचित्र निर्माता

-एनविले (1752)

भौतिक भूगोल का जनक

-पोलीडोनियस

विश्व की प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय सीमा रेखायें-

हिंडनबर्ग रेखा- जर्मनी व पोलैंड के मध्य प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इसका निर्धारण हुआ।

मैगीनॉट रेखा – जर्मनी व फ्रांस के मध्य सीमा निर्धारण इस रेखा के द्वारा होता है।

17वीं अक्षांश रेखा – उतरी व दक्षिणी वियतनाम के मध्य यह स्थित है।

24वीं अक्षांश रेखा – कच्छ के पास स्थित वह स्थान जिसे पाकिस्तान भारत पाक के मध्य सीमा मानता है परन्तु भारत इसका खण्डन करता है।

38वीं अक्षांश रेखा – यह उतरी कोरिया व दक्षिणी कोरिया के मध्य स्थित है।

मैकमोहन रेखा – 1914 में सर मैकमोहन (ब्रिटेन) ने भारत व चीन के मध्य इस रेखा का निर्धारण किया परन्तु चीन इसे अस्वीकार करता है।

रेडक्लिफ रेखा – भारत व पाकिस्तान के मध्य 15/16 अगस्त 1947 को इसका निर्धारण किया गया।

सीगफ्रायड रेखा – दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी ने फ्रांस की सीमा पर दीवार के रूप में इस सीमा का नि. र्माण किया।

ड्युरेंड रेखा – सर मार्टिंगर ड्युरेंड (ब्रिटेन) ने भारत व अफगानीस्तान के मध्य 1896 में इस सीमा का निर्धारण किया था, जिसे अफगानीस्तान स्वीकार नहीं करता है।

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