Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835
भारत में परिवहन (Transportation in India) - gk website
Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835
Home Uncategorized भारत में परिवहन (Transportation in India)

भारत में परिवहन (Transportation in India)

0
177

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

 भारत में परिवहन

भारत में परिवहन
भारत में परिवहन

सड़क परिवहन

भारत का सड़क परिवहन लगभग 56,03,293 कि.मी. से अधिक है जो विश्व का दुसरा विशालतम सड़क नेटवर्क है। प्रबन्धन के आधार पर भारत में सड़को को तीन वर्गों में रखा गया है-

(1) राष्ट्रीय राजमार्ग

(2) राज्य राजमार्ग

(3) सीमावर्ती सड़के

राजस्थान का जिला दर्शन 👉 click here
राजस्थान का भूगोल 👉 click here
राजस्थान का इतिहास 👉 click here
Rajasthan Gk Telegram channel 👉 click here

इसके अतिरिक्त परियोजना सडके, जिला सड़के, ग्रामीण सड़के व शहरी सड़के भी है जो लघु स्तरीय परिवहन का आधार है।

राष्ट्रीय राजमार्ग

इनके विकास, अनुरक्षण, प्रबन्धन व इनसे जुड़े कार्यो के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण उतरदायी है।

यह प्राधिकरण फरवरी, 1995 से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

इसका नियंत्रण केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा किया जाता है। देश में कुल 235 राष्ट्रीय राजमार्ग है।

2017-18 की सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार देश के राष्ट्रीय राजमार्ग देश की सड़को की कुल लम्बाई के मात्र 1.8 प्रतिशत (1,20,543 कि.मी.) है फिर भी देश के सड़क परिवहन का 40 प्रतिशत यातायात सम्पन्न करवाते है।

कुछ प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग

संख्या राष्ट्रीय राजमार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग1 दिल्ली – अमृतसर

राष्ट्रीय राजमार्ग2 दिल्ली – कोलकता

राष्ट्रीय राजमार्ग 3 आगरा – मुम्बई

राष्ट्रीय राजमार्ग 44 श्रीनगर – कन्याकुमारी

राष्ट्रीय राजमार्ग27 पोरबंदर – सिल्चर

राष्ट्रीय राजमार्ग19 दिल्ली – कोलकता

राष्ट्रीय राजमार्ग16 चैन्नई – कोलकता

राष्ट्रीय राजमार्ग 48 दिल्ली – चैन्नई

राष्ट्रीय राजमार्ग6 असम –मिजोरम– मेघालय

राष्ट्रीय राजमार्ग8 दिल्ली – मुम्बई (राजस्थान व गुजरात से होते हुए)

राष्ट्रीय राजमार्ग52 पंजाब – कर्नाटक

राष्ट्रीय राजमार्ग10 दिल्ली – फाजिल्का

राष्ट्रीय राजमार्ग 15 पठानकोट – सामाखिआली, बाड़मेर (भारत पाक सीमा के साथ)

राष्ट्रीय राजमार्ग31 बरही, बिहार – अमीनगांव, झारखंड (भारत के पूर्वोतर राज्यो को शेष भारत से जोड़ने वाला राजमार्ग)

भारत का सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 (3745 कि.मी.) तथा दुसरा सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग NH-27 (3507 कि.मी.) है।

राज्य राजमार्ग :-

इनका निर्माण तथा रख-रखाव राज्य सरकारो व संघ शासित राज्यो के द्वारा राज्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से किया जाता है।

राज्य राजमार्ग सभी जिला मुख्यालयो को उस प्रदेश की राजधानी से जोड़ते है।

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2017-18 के अनुसार राज्य राजमार्गो की कुल लम्बाई 1,55,222 कि.मी. है।

जिला सड़के :- इनके निर्माण व रख-रखाव का दायित्व जिला परिषद व लोक निर्माण विभाग का है। देश में वर्तमान में जिला सड़को की कुल लम्बाई 5,61,940 कि.मी. है।

ग्रामीण सड़के :- इनके निर्माण व रख-रखाव का दायित्व पंचायतो का होता है। वर्तमान में देश में 39,35,337 कि.मी. लम्बी ग्रामीण सड़के है।

सीमावर्ती सड़के :- इनका निर्माण व प्रबंधन सीमा सड़क विकास बोर्ड द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त सीमा सड़क संगठन भी देश के सीमावर्ती इलाको में देश की सेना के सहयोग से तीव्र गति से सड़के व हवाई पट्टिया बनाने में महत्वपुर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान में देश में 21,410 कि.मी. लम्बी सीमावर्ती सड़के है।

प्रमुख परियोजनाएं

📖 स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना – यह देश के चार महानगरो दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई व कोलकता को चार लेन वाले राजमार्गो से जोड़ने वाली द्रुतमार्गी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना है। इस सड़क मार्ग की लम्बाई 5,846 किमी. है। यह परियोजना 2011 में प्रारम्भ हुई तथा 2012 में पूर्ण हुई है।

📖 उतर दक्षिण व पूर्व पश्चिम कॉरिडोर – यह लगभग 7142 किमी लम्बी राजमार्ग परियोजना है जो दो गलियारों में विभाजित है। उतर दक्षिण गलियारा लगभग 4000 किमी लम्बा है जो श्रीनगर को कन्याकुमारी से जोड़ता है।

➥ इसमें कोच्चि सलेमपुर के तिर्यक मार्ग भी शामिल है। पूर्व – पश्चिम गलियारा लगभग 3300 किमी लम्बा है जो असम के सिलचर को गुजरात के पोरबन्दर से जोड़ता है।

📖 भूपेन हजारिका सेतु – यह देश का सबसे लम्बा नदी सेतु है, जो लोहित नदी पर बना है। इसे 26 मई 2017 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम में
राष्ट्र को समर्पित किया।

📖 चेनानी – नाशरी – जम्मु कश्मीर में स्थित इस 9.2 किमी. लम्बी सुरंग को 2 अप्रेल 2017 को प्रधानमंत्री ने देश को समर्पित किया।

📖 नर्मदा केबल सेतु परियोजना – 7 मार्च 2017 को गुजरात के भरूच जिले मे नर्मदा नदी पर 1344 मीटर लम्बे केबल सेतु का लोकार्पण किया गया।

सड़क मार्ग से जुड़े कुछ महत्वपुर्ण तथ्य –

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1 व 2 को सम्मिलित रूप से ग्रांड ट्रंक रोड़ कहा जाता है।

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1A जालंधर से जम्मु व श्रीनगर होते हुए उरी तक जाती है। इसी मार्ग पर स्थित बनिहाल दर्रे में ज्वाहर सुरंग स्थित है।

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 47A भारत का सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग है। यह केरल के बेम्बानद झील में स्थित वेलिंगटन द्वीप में है।

आगरा – लखनउ एक्सप्रेसवे देश का सबसे लम्बा (302 किमी.) एक्सप्रेसवे है।

विश्व की सबसे उंची सड़क मनाली लेह राजमार्ग है।

भारत मे सड़को की सर्वाधिक लम्बाई महाराष्ट्र में है। इसके बाद क्रमशः उतरप्रदेश, ओडिशा, आन्ध्रप्रदेश व तमिलनाडू का स्थान आता है।

सड़को की न्यूनतम लम्बाई सिक्किम में है। इसके पश्चात क्रमशः मिजोरम, मेघालय, गोआ व मणिपुर आते है।

केरल के 100% गांव पक्की सड़को से जुड़े है।

भारत में सड़को का औसत घनत्व 170 कि.मी. प्रति 100 वर्ग कि.मी. है।

भारत में सर्वाधिक औसत सड़क घनत्व केरल का है।

प्रोजेक्ट हीरक के अन्तर्गत महाराष्ट्र राज्य के नक्सल प्रभावित जिलो मे सड़को का निर्माण किया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP) 1999 को प्रारम्भ की गई।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना (PMGSY) 2000 में शुरू की गई।

प्रधानमंत्री भारत जोड़ो परियोजना (PMBJP) 2004 में शुरू की गई।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की स्थापना 1988 में की गई।

राष्ट्रीय हरित राजमार्ग नीति को 29 सितम्बर 2015 से लागु किया गया। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गो को हरा भरा बनाने के लिए अगले 5 वर्षो में 5000 करोड़ रू खर्च किए जाएंगे।

रेल परिवहन

भारत में पहली बार रेल लाईन लार्ड डलहौजी के काल में मुम्बई से थाणे के बीच 34 किमी की लम्बाई में बिछाई गई।

16 अप्रेल, 1853 को इसी रेल लाइन पर पहली बार रेलगाड़ी चलाई गई। लार्ड रीडिंग के काल में भारत का पहला विद्युतीकृत रेलमार्ग मुम्बई से कुर्ला के मध्य बना, जहां 3 फरवरी 1925 को पहली बार विद्युत शक्ति से रेल का परिचालन किया गया।

आज विश्व में अमेरिका, चीन व रूस के बाद भारत चौथ सबसे बड़ा रेल नेटवर्क वाला देश है।

भारत में 1,08,706 किमी. लम्बी रेल लाइनें व 7349 रेलवे स्टेशन है।

रेल लाइनो की सर्वाधिक लम्बाई उतरप्रदेश में है। वर्तमान में सिक्किम को छोड़कर पूर्वोतर भारत के सभी राज्य रेलमार्ग से जुड़ गए है।

रेल विशेष –

देश का सबसे पुराना रेल इंजन लोकोमोटिव फेयरी क्वीन है।

भारत की सबसे लम्बी ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस है।

रेलवे नेटवर्क 17 जोनो में विभक्त है।

विवेक एक्सप्रेस देश में सबसे लम्बी दूरी तय करने वाली रेलगाड़ी है, जो डिब्रुगढ से कन्याकुमारी के बीच 4,286 किमी. की दूरी तय करती है।

इस दौरान यह 57 स्टेशन से गुजरते हुए 80 घंटे 44 मिनट की यात्रा करती है। पूर्वोतर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर का प्लेटफॉर्म विश्व का सबसे लम्बा (1.3 किमी.) रेलवे प्लेटफॉर्म है।

भारत में मेट्रो रेल सेवा का शुभारम्भ 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के द्वारा कोलकाता मेट्रो रेलवे के साथ किया गया।

वर्तमान में देश के 9 राज्यो में लगभग 425 किमी मार्ग पर मेट्रो संचालित की जा रही है।

देश के 9 राज्यो (दिल्ली, हरियाणा, उतर प्रदेश, राजस्थान, प.बंगाल, तमिलनाडू, केरल, कर्नाटक व महाराष्ट्र) में लगभग 425 किमी. मार्ग पर मेट्रो सेवा संचालित की जा रही है।

भारत के दिल्ली, बेंगलुरू, कोलकता, चेन्नई, कोच्चि, मुम्बई, जयपुर, गुड़गांव व लखनऊ में मेट्रो सेवा शुरू की जा चुकी है।

कोलकता में हावड़ा से कोलकता को जोड़ने वाली अंडरवाटर रेलवे लाइन का निर्माण किया जा रहा है।

दिल्ली मेट्रो परियोजना के निर्माण के लिए जापान व कोरिया की कपंनीयो के सहयोग से बनाई गई है। इसके तहत सबसे पहले सेवा 25 दिसंबर 2002 को तीस हजारी से शाहदरा के बीच प्रारम्भ की गई है।

दिल्ली मेट्रो नेटवर्क विश्व का पहला ऐसा नेटवर्क है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने ग्रीन हाउस गैंसो में कमी लाने के लिए सितम्बर 2011 में कार्बन क्रेडिट

प्रदान किया है।

देश की प्रथम स्वनिर्मित मेट्रो ट्रेन मोविया का निर्माण गुजरात के बड़ोदरा में स्थित बाम्बॉर्डियर कारखाने में हुआ।

बेंगलुरू मेट्रो/नम्मा मेट्रो 20 अक्टुबर 2011 से शुरू हुई।

दक्षिण भारत की इस पहली मेट्रो सेवा के लिए जापान से सहयोग लिया गया।

भारत की पहली सार्वजनिक निजी भागीदारी वाली मेट्रो रेल सेवा मुम्बई मेट्रो है।

1 फरवरी 2014 को मुम्बई में बहुप्रतीक्षित मुम्बई मोनोरेल संचालित की गई।

कोच्चि जल मेट्रो परियोजना देश की प्रथम जल मेट्रो परियोजना है, जो केरल में शुरू की गई है।

सितम्बर 2006 में प्रारम्भ की गई भारतीय रेलवे की सबसे बड़ी परियोजना फ्रेट कॉरिडोर परियोजना है जिसमें देश के चार महानगरो को आपस में जोड़ा जाएगा।

इसमें पुर्वी फ्रेट कॉरिडोर लुधियाना को प.बंगाल के दनकोनी से जोड़ेगा। पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर मुम्बई के ज्वाहरलाल नेहरू बन्दरगाह से प्रारम्भ होकर दादरी, उतरप्रदेश तक जाएगी।

देश में पहली बुलेट ट्रेन मुम्बई से अहमदाबाद के मध्य चलाए 2022 तक चलाए जाने की संभावना है।

देश की पहली CNG इंजन वाली ट्रेन कौनसी है।

देश का पहला ऑल वुमेन रेलवे स्टेशन गांधीनगर 19 फरवरी 2018 को बना।

चिनाब नदी पर रेयसी जिले में बक्कल व कोड़ी के बीच विश्व का सबसे उंचा (359 मीटर) रेल पुल बनाया जाएगा।

कोंकण रेलवे परियोजना (1990) के तहत गोवा, महाराष्ट्र व कर्नाटक के मध्य 760 किमी. लम्बी रेल लाइन है जिसके निर्माण में 179 बड़े व 1819 छोटे पुल तथा 92 सुरंगे बनाई गई है।

भारत पाकिस्तान के मध्य समझौता एक्सप्रेस लाहौर – अटारी के मध्य चलती है।

बड़ौदा में रेलवे स्टाफ कॉलेज स्थित है।

जम्मु मे स्थित पीरपंजाल सुरंग भारत की सबसे लम्बी रेल सुरंग है।

वायु परिवहन

भारत में वायु परिवहन की शुरूआत 1911 में इलाहाबाद से नैनी कस्बे के मध्य विमान डाक सेवा के साथ हुई।

1932 में टाटा द्वारा चैन्नई से कराची के लिए साप्ताहिक वायु परिवहन सेवा शुरू की गई।

स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले भारत मे 11 वायुयान कम्पनीयां व 61 हवाई अड्डे थे जिनमें से 4 अन्तर्राष्ट्रीय थे।

1 अगस्त 1953 में भारत की सभी वैमानिक कम्पनियो का राष्ट्रीयकरण करते हुए उन्हे भारतीय विमान निगम/इंडियन एयरलाइन्स व एअर इंडिया इण्टरनेशनल की स्थापना की गई।

1981 में वायुदूत नामक तीसरे निगम की स्थापना हुई जिसका विलय भारतीय विमान निगम में कर दिया गया।

24 अगस्त 2007 को सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनियां एयर इंडिया व भारतीय विमान निगम का विलय हो गया तथा ये दोनो कम्पनीयां नेशनल एविएशन कंपनी ऑफ इंडिया लि. के नाम से कार्यरत हो गई तथा कम्पनी का ब्रांड नेम ‘एयर इंडिया’ रखा गया। इसका मुख्यालय नई दिल्ली है।

जुलाई 2014 में एयर इंडिया जुलाई, 2014 से विश्व की प्रमुख एयरलाइंस स्टार एयरलाइंस के साथ गठबंधन किया है। जिसके तहत वर्तमान में भारत का वायु अनुबंध लगभग 103 देशो के साथ है।

वर्तमान समय में भारत में 3 प्रकार की वायु सेवाएं है- एयर इंडिया लिमिटेड, पवन हंस हैलीकॉप्टर्स व निजी विमान सेवाएं

हैदराबाद में स्थित राजीव गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा एशिया का पहला ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट है।

27 अप्रेल 2017 को शिमला हवाई अड्डे से क्षेत्रीय उड्डयन बाजार विकसित करने के उद्देश्य से उड़े देश का आम नागरिक (UDAN) नामक
योजना को प्रारम्भ किया गया।

वर्तमान में देश में 25 अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे है।

जल परिवहन

जल परिवहन दो प्रकार से होता है

1. आन्तरिक अथवा अन्तर्देशीय जल परिवहन

2. जहाजरानी परिवहन

आन्तरिक जल परिवहन भारी वस्तुओ के परिवहन हेतु सस्ते जलमार्ग व प्रदुषण रहित साधन है।

वर्तमान में देश में 14,500 किमी लम्बा नौगम्य जलमार्ग है, जिसमे नदियां, नहरे, झीले व खाड़ियां शामिल है।

देश में 4300 किमी लम्बी नौगम्य नहरे है।

उतर प्रदेश में सबसे लम्बे आन्तरिक जलमार्ग विद्यमान है।

बंकिघम नहर भारत की सबसे लम्बी नौगम्य नहर है। यह आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से तमिलनाडू के विल्लुपुरम तक 640 किमी लम्बी है।

1986 में भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की स्थापना की गई, जिसे एक वर्ष बाद ही निगम का दर्जा मिल गया। इसका मुख्यालय नोएडा में है।

राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान गोवा में है।

वर्तमान समय में भारत के छ: राष्ट्रीय जलमार्ग क्रियाशील है।

राष्ट्रीय जलमार्ग – 1 को 27 अक्टुबर 1986 को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया। यह भारत का सबसे लम्बा जलमार्ग है। इलाहाबाद से हल्दिया के बीच इसकी कुल लम्बाई 1620 किमी है।

राष्ट्रीय जलमार्ग – 2 को 1 सितम्बर 1988 को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया। यह असम में सादिया से धुबरी तक ब्रह्मपुत्र नदी में 891 किमी. तक फैला है।

राष्ट्रीय जलमार्ग – 3 केरल में कोलम से कोट्टापुरम में स्थित है। यह भारत का पहला ऐसा राष्ट्रीय जलमार्ग है जिसके सम्पुर्ण भाग में 24 घंटे नौकायान की सुविधा है। यह 205 कि.मी. लम्बा हैं

राष्ट्रीय जलमार्ग – 4 वजीराबाद-विजयवाड़ा, भद्राचलम-राजमुद्री व काकीनाड़ा-पुदुचेरी के मध्य 1095 कि.मी. लम्बा है। यह भारत का दुसरा सबसे लम्बा राष्ट्रीय जलमार्ग है।

देश की कुल 7516.6 किमी लम्बी तटरेखा पर 13 बड़े व 200 मध्यम व छोटे बन्दरगाह स्थित है।

कांडला भारत का ज्वारीय बंदरगाह है। यहां सरकार ने मुक्त व्यापार क्षेत्र स्थापित किया है।

मुम्बई देश का सबसे बड़ा बंदरगाह है, जहां से सर्वाधिक समुंद्री यातायात सम्पन्न होता है।

मुम्बई का न्हावा शेवा/न्यू मुम्बई बन्दरगाह पुर्णतः यंत्रचालित बन्दरगाह है। यह भारत का सबसे बड़ा कृत्रिम व एवं आधुनिकतम बंदरगाह है।

न्यू मंगलौर बन्दरगाह लौह अयस्क के निर्यात के लिए जाना जाता है।

चेन्नई बन्दरगाह एक कृत्रिम पतन है, जिसे बड़े जलयानो के लिए गहरा किया गया है।

पाराद्वीप बन्दरगाह, कटक(ओडिशा) से जापान को कच्चा लौहा व मैंगनीज निर्यात किया जाता है। यह निर्यात प्रधान बन्दरगाह है।

तमिलनाडू तट पर स्थित एन्नौर बन्दरगाह भारत का सबसे बड़ा कम्पयुटराइज्ड बन्दरगाह है। 21 फरवरी 2014 से इसका नाम बदल कर कामराज पोर्ट लि. कर दिया गया है।

भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का मुख्यालय नोएडा में है।

केन्द्रीय अन्तर्देशीय जल परिवहन निगम का मुख्यालय कोलकाता में है।

राष्ट्रीय अन्तर्देशीय नौवहन संस्थान पटना में 2004 में स्थापित किया गया।

भारत में जहाजरानी परिवहन का आधुनिक विकास 1854 में स्थापित ब्रिटिश इण्डिया स्टीम नेवीगेशन कम्पनी की स्थापना के साथ माना जाता है।

विकासशील देशो में भारत के पास सबसे बड़ा व्यापारिक जलपोतो का बेड़ा है।

जहाज तोड़ने वाले देशो की सुची मे भारत विश्व में पहले स्थान पर है।

मर्मुगाओ बन्दरगाह (गोवा) से इरान को लौह अयस्क निर्यात किया जाता है।

तमिलनाडू के तूतीकोरिन बन्दरगाह को मत्स्य पतन बन्दरगाह कहा जाता है।

गुजरात में स्थित दाहेज बन्दरगाह को रसायन बन्दरगाह कहा जाता है।

सेतुसमुद्रम परियोजना में भारत व श्रीलंका के मध्य दो नहरे बनाकर पाक जलसंधि व मन्नार की खाड़ी को जोड़ने का प्रस्ताव है।

भारत के तटीय राज्यो में स्थित बन्दरगाहो व आन्तरिक जल परिवहन तंत्र को विकसित करने के लिए सागरमाला परियोजना 2004 में अटल
बिहारी वाजपेयी के द्वारा घोषित की गई तथा इसे 2015 में सैद्धान्तिक मंजुरी दी गई।

राष्ट्रीय राजमार्गो पर सुरक्षित यात्रा के लिए पुल बनाने का कार्यक्रम सेतु भारततम् परियोजना के रूप में 2016 में शुरू किया गया। इसके तहत रेलवे क्रोसिंग पर होने वाली दुर्घटनाओ को रोकने के लिए पुल बनाने की योजना है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835