Tonk (टोंक) District Jila Darshan

टोंक

उपनाम- नवाबो का नगर
अन्य स्थानो के उपनाम-
राजस्थान का टाटा नगर- रैढ़

Tonk District Area-7,194 km2

Tonk District Tahsil Map-

Tonk (टोंक) District Jila Darshan
tonk-district-map

Tonk District Population-1.65 lakh
Tonk District Tahsil List- Total Tahsil-7
Tonk District Village List- Total Village-129
Tonk District Pin code- 304001

परिचय

➥ टोंक रियासत की स्थापना 1817 में अमीर खां के द्वारा की गई।

➥ महाभारत काल मे यह क्षेत्र संवादलक्ष था।

➥ चीनी यात्री हेनसांग के अनुसार यह क्षेत्र बैराठ प्रदेश का भाग था।

➥ वर्तमान राजस्थान निर्माण के समय टोंक 9 रजवाड़ो मे से एक था।

➥ टोंक में अरबी, फारसी शोध संस्थान है।

➥ यह राज्य की एकमात्र मुस्लिम रियासत थी।

➥ नवाब इब्राहिम अली खान का शासन टोंक का स्वर्णिम युग कहलाता है।

➥ संत धन्ना जी का सम्बंध भी टोंक से है।

➥ टोंक का डिग्गीपुरा का राजा नृत्य प्रसिद्ध है।

➥ 1817 में मराठा सरदार जसवंत होल्कर से अंग्रेजो ने टोंक क्षेत्र प्राप्त कर अमीर खां पिण्डारी को सौंपा।

➥ यह जिला उंटो की बलि के लिए चर्चित रहा है।

➥ यहा पर केन्द्रीय भेड़ व उन अनुसंधान संस्थान है।

➥ यहां की चार बैंत लोक गायन शैली प्रसिद्ध है।

➥ यह क्षेत्र नर्मदा निर्माण का प्रमुख केन्द्र है।

➥ रैढ़ में एशिया का अब तक का सबसे बड़ा सिक्को का भण्डार तथा प्राचीन मुर्तियों का संग्रह प्राप्त हुआ है।

➥ राजमहल गांव के पास त्रिवेणी संगम है।

➥ यहां पर 500 वर्ष पुरानी सरड़ा रानी बावड़ी प्रसिद्ध है।

➥ टोंक में हाड़ी रानी की 1000 सीढीयों वाली बावड़ी है।

➥ टोंक के पश्चिमी भाग मे चौरासी बोली बोली जाती है।

स्थान विशेष

डिग्गी

  1. यहां पर डिग्गी कल्याण जी का मंदिर है जो मेवाड़ के महाराणा संग्रामसिंह के समय से निर्मित है।
  2. मुस्लिम इन्हे कलहपीर के नाम से पुकारते है।
  3. यहां पर प्रतिवर्श भाद्रपद शुक्ला एकादशी को मेला लगता है।

मालपुरा

  1. केन्द्रीय भेड़ व उन अनुसंधान केन्द्र यहां पर है।
  2. पश्चिम क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र भी यहां पर है।
  3. राजस्थान के लौह पुरूष दामोदर लाल व्यास का जन्म स्थान यही है।
  4. राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश का जन्म स्थान भी यहां है।

टोरडी

  1. टोरडी सागर बांध यहां पर है।
  2. यह बांध अंग्रेजी शासन काल में बना।
  3. इसकी रचना इस प्रकार की गई है की इसके सभी दरवाजे खोल देने पर इसमे एक बुन्द भी जल शेष नही बचेगा। 

टोडा राय सिंह – यहां पर हाड़ी रानी की बावड़ी व महल, संत पीपा की गुफा व लाला पठान दुर्ग मुख्य दर्शनीय स्थान है।

बीसलपुर – यह राज्य की सबसे बड़ी पुयजल परियोजना है।

राजमहल- यह तामड़ा उत्पादक क्षेत्र व त्रिवेणी संगम के लिए जाना जाता है।

देवली- यहां पर माण्डव ऋषि की तपोस्थली है तथा सी.आई.एस.एफ. का ट्रेनिंग सेंटर है।

निवाई- जालन्धर नाथ की गुफा यंहा पर है। यह नाथ सम्प्रदाय का प्राचीनतम धार्मिक स्थल है।

वनस्थली-

  1. नस्थली विद्यापीठ राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री हीरालाल शास्त्री ने 1935 में शांता बाई कुटीर उद्योग की स्थापना की व इसे 1943 में वनस्थली विद्यापीठ नाम दिया गया।
  2. यह पुर्णतः महिला शिक्षा को समर्पित डिम्ड विश्वविद्यालय है।

देवधाम जोधपुरिया- यह गुर्जर समाज का महत्वपुर्ण पौराणिक स्थल है जो माशी, बांडी व खोराम्सी नदियो के संगम पर स्थित है। यहां पर भगवान देवनारायण जी का मंदिर है।

सुनहरी कोठी–

  1. त्न कांच व सोने की झाल देकर इस इमारत को नवाब वजीउदोला ने 1824 में बनवाया।
  2. इसे शीषमहल भी कहते है।
  3. जर निगार नाक की इस कोठी मे नवाब इब्राहिम अली खान ने 1865 से 1867 के मध्य पच्चीकारी के काम से और अधिक सुंदर बना दिया।

चौबुर्जा किला- यह किला उबड़ खाबड़ जगह पर बसा होने के कारण हमेशा दुश्मन की तोपो से बच जाता था।

कंकोड- इसे कनकपुर का किला भी कहते है। यह एक गगनचुम्बी किला है जो एक उंचे पहाड़ पर बना है।

असीरगढ का किला- इसे भुमरा गढ भी कहते है जो अमीर खां द्वारा बनवाया गया।

कसरेइल्म – 4

  1. दिसंबर 1978 को अरबी फारसी शोध संस्थान टोंक मे स्थापित किया गया
  2. जिसे कसरेइल्म या साहित्य सेवियो की तीर्थस्थली भी कहा जाता है।
  3. इसका पुरा नाम मौलाना अबुल कलाम आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान है।

अमीरगढ–

  1. स किले का निर्माण ब्राह्मण भोला ने अपनी भोम की रक्षा एवं प्रशासनिक सुविधाओ के मद्देनजर किया।
  2. इसके पास से पाषाण निर्मित अति प्राचीन छब्बीस प्रतिमाए मिली है।

बनास नदी-

  1. यह नदी पश्चिम से पूर्व की तरफ बहती हुई जिले को दो भागो मे बांटती है।
  2. बीसलपुर गांव में दो पहाड़ीयो को जोड़कर बनास नदी पर बीसलपुर बांध बनाया गया है।
  3. टोंक में यह नदी सर्पिलाकार में बहती है।

मुख्य बावड़ी- दरियाशाह बावड़ी व हाड़ीरानी बावड़ी

कृषि विशेष-

  1. यहां पर मिर्च मण्डी है।
  2. सर्वाधिक क्षेत्रफल वाली फसलें- राई व सरसों
  3. सर्वाधिक उत्पादन वाली फसलें- राई, सरसों, सौंफ व खरबुजा

उद्योग- वनस्पति उद्योग कारखाना यहां पर है।

खनिज- तामड़ा व क्वार्टज बायोमॉस उर्जा

चांदली- देवली में

टोंक बायोमास प्लांट- उणियारा में

रांदीलिया- मालपुरा में

Tonk District Collector

Tonk District wikipedia

Tonk District News

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