Sri Ganganagar (श्रीगंगानगर) District Jila darshan

श्रीगंगानगर

Sri Ganganagar (श्रीगंगानगर) District Jila darshan
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प्राचीन नाम – रामु जाट की ढाणी, रामनगर।
➠उपनाम – अन्न का कटोरा, बागानो की भूमि, राजस्थान का अन्नागार, राज्य में फलो की नगरी 
➠स्थापना –  23 अक्टूबर 1927 
➠संस्थापक – महाराजा गंगासिंह

परिचय 
➥ यह राजस्थान का उतरतम जिला है, जो पंजाब व हरियाणा के साथ ही भारत के पडोसी देश पाकिस्तान से सीमा बनाता है।
➥ पहले यह बीकानेर का ही एक भाग था।
➥ इसका नामकरण बीकानेर के शासक महाराजा गंगासिंह के नाम पर हुआ।
➥ यह नगर पुर्णत: 20वीं सदी की देन है।
➥ राज्य का सर्वाधिक सिंचित क्षेत्र होने के कारण कृषि हेतु सर्वाधिक उपयुक्त जिला है।
➥ गंगनहर के निर्माण के साथ ही इस जिले में किसानो की संख्या बढने लगी तथा धीरे-धीरे
यहां औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होने लगी। 
व्यक्ति विशेष
➥ महाराजा गंगासिंह –
➥ महाराजा गंगासिंह को आधुनिक भारत का भागीरथ कहा जाता है।
 ये भारत के अकेले राजा थे जिन्होने तीनो गोलमेज सम्मेलनो में भाग लिया था।
 इन्होने गंगनहर की आधारशिला फिरोजपुर हैडवर्क्स पर 5 सितम्बर 1921 को रखी तथा 1922 से 1927 के मध्य गंगनहर का निर्माण करवाया। 
➥ अवतार सिंह चीमा – इन्होने 1965 में विश्व के सबसे उंचे शिखर माउण्ट एवरेस्ट को फतह किया था। ऐसा करने वाले ये प्रथम भारतीय बने।  
➥ जगजीत सिंह – ये भारत के प्रसिद्ध गजल गायक रहे। इन्होने अपना नाम देश विदेश के मशहुर गजल गायको में शामिल करवाया।  
➥ रविन्द्र कौशिक – ये पूर्व रॉ जासुस थे। इन्होने अपनी चतुराई से पाकिस्तान मे भारतीय जासुस के रूप में कार्य किया व देश सेवा करते हुए शहीद हुए। 
➥ रांझा – मानव सभ्यता की प्रसिद्ध प्रेम कहानी का नायक राझा सादुलशहर के तख्त हजारा गांव से सम्बन्ध रखता है। 
स्थान विशेष
➥ करणपुर – यहां के कमीनपुरा क्षेत्र मे 1937 मे राज्य की पहली सहकारी क्षेत्र की व चीनी बनाने का दूसरा कारखाना दी गंगानगर शुगर मील खोला गया।
 1956 से यह सार्वजनिक क्षेत्र मे आ गयी है।
 यह शराब बनाने का कार्य भी करती है।
 अजमेर, अटरू, प्रतापगढ़ व जोधपुर मे भी इसके केन्द्र है। 
 रॉयल हैरिटेज लिकर इसकी उच्च गुणवता बाली शराब है। 
➥ हिन्दुमलकोट – यहां से अंतर्राष्ट्रीय सीमा प्रारम्भ होती हैं। यहां का कोणा गांव राज्य के उतरी ध्रुव पर स्थित है। 
➥ सुरतगढ़ – यहां एशिया का सबसे बडा कृषि फार्म सोवियत संघ रूस की सहायता से स्थापित किया गया है, यहां प्रथम सुपर थर्मल क्रिटीकल पावर प्लांट केन्दिय पशु प्रजनन केन्द्र है। 
➥ अनुपगढ – 16 वी 17वी सदी मे इस क्षेत्र को चुंघेर/चुडेर के नाम से जाना जाता था।
➥ यहां पर बरोर सभ्यता के प्राचीन अवशेष मिले है।
 यहां से कुछ दुरी पर ही लैला मजनूं की दरगाह है जो पर्यटको के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र है। 
➥ विजयनगर – यहां पर पम्माराम का डेरा है जहां डाडा पम्माराम का समाधि स्थल है जिस पर फाल्गुन माह मे प्रतिवर्ष मेला लगता है। 
➥ पदमपुर – यहां पर राज्य का प्रथम बायोमास आधारित संयत्र मैसर्स कल्पतरू एनर्जी बेंचर्स द्वारा लगाया गया। इससे 7.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन होता है। 
➥ रायसिंहनगर – यहां पर सिखो का प्रसिद्ध गुरूद्वारा बुडडा जोहड़ है, जिसे संत फतेह सिंह ने बनवाया।
➥ घड़साना – यहां मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित किया गया है तथा राज्य का सबसे नवीनतम किसान आन्दोलन भी 2003-04 मे यहा हुआ।
➥ 27 अक्टूबर 2004 को हुए किसान आन्दोलन मे हुई फायरिंग की घटना के सम्बन्ध मे केजडीवाल आयोग कीं स्थापना की गई।  
➥ जैतसर – यहां राज्य का यांत्रिक कृषि फार्म कनाडा की सहायता से स्थापित किया गया। 
➥ बींझबायला – यहां पेट्रोलियम के विशाल भण्डार मिले है।
प्रमुख नहरें
➥ गंगनहर परियोजना – यह विश्व की सबसे पुरानी व विकसित नहर परियोजना है।
 सतलज का पानी राजस्थान लाने के लिए 4 सितम्बर 1920 को पंजाब, बहावलपुर व बीकानेर रियासत के मध्य सतलज घाटी पर समझोता हुआ।
 इस नहर का निर्माण गंगासिंह द्वारा 1922-27 के मध्य करवाया गया।
 गंगनहर का उद्घाटन 26 अक्टूबर 1927 को वायसराय लार्ड इरविन द्वारा शिवपुर हैड पर किया गया।
 इसकी कुल लम्बाई 129 किलोमीटर है व राज्य में 17 किलोमीटर है।
 इसकी प्रमुख शाखाएं- लक्ष्मीनारायण जी, लालगढ, करणी जी व समेजा है। 
➥ गंगनहर लिंक चैनल – इसका निर्माण 1984 मे किया गया। इसे हरियाणा के लोहागढ़ से निकाला गया व इसे साघुवाली नामक स्थान पर गंगनहर से जोड दिया गया है। इसकी कुल लम्बाई 80 किलोमीटर है। 
➥ इन्दिरा गांघी नहर परियोजना – इसकी दो शाखाएं सुरतगढ व अनुपगढ जिले मे जल वितरण का कार्य करती है।
जिला बिशेष
➤ कर्क रेखा से सबसे दूर स्थित जिला मुख्यालय। 
➤ सबसे ज्यादा आन्धियो वाला जिला। 
➤ सबसे कम पशु चारागाह योग्य भूमि वाला जिला। 
➤ सबसे शत प्रतिशत नहरी सिंचाई व सबसे कम कुंओं के द्वारा सिचिंत जिला। 
➤ यहां सबसे ज्यादा कुत्ते व खरगोश पाए जाते है। 
➤ यहां किन्नु मण्डी स्थित है। 
➤ जिले का शुभंकर चिंकारा है। 
➤ यहां सबसे ज्यादा माल्टा उत्पादित होता है।

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