राजस्थान के मिट्टी संसाधन (Soil resources of Rajasthan)

मिट्टी संसाधन

https://haabujigk.in/
राजस्थान-की-मिट्टी-के-प्रकार

✱ मिट्टी :- डॉ. बनेठ के अनुसार – “भूभाग पर मिलने वाली वह ऊपरी परत है, जो मूल चट्टानों एवं वनस्पति के योग से बनती है” । राजस्थान में मुख्यतः चार प्रकार की मिट्टियाँ पाई जाती है ।

राजस्थान के नहरी इलाकों में अधिक सिंचाई के कारण तथा सेम की समस्या के कारण मिट्टी में क्षारीयता बढ़ गई है । मिट्टी के खारापन एवं क्षारीयता की समस्या के समाधान के लिये जिप्सम का प्रयोग किया जाता है ।

1. भूरी मिट्टी :- यह मिट्टी मुख्यतः अरावली के पूर्वी भाग में बनास व उसकी सहायक नदीयों के क्षेत्र में पाई जाती है। इस मिट्टी का रंग भूरा होता है । इसमें फास्फोरस एवं नाइट्रोजन लवणों का अभाव होता है।

2. पर्वतीय मिट्टी :- यह मिट्टी अरावली पर्वतमाला के ढालों में सिरोही, उदयपुर, राजसमन्द, चित्तौड़गढ़, अजमेर तथा भीलवाड़ा के पर्वतीय भागों में पाई जाती है। इस मिट्टी की गहराई कम होने के कारण खेती नही की जा सकती है।

3. बलूई मिट्टी :- यह मिट्टी पश्चिम राजस्थान के अधिकांश क्षेत्र में पाई जाती है। मिट्टी के कण मोटे होने के कारण जलरोधन क्षमता भी कम होती है । यह जैसलमेर, बाडमेर, जोधपुर, बीकानेर, चुरू, नागौर, सीकर तथा झुन्झुनूं जिले में पाई जाती है। इस मिट्टी में नाइट्रोजन व कार्बनिक लवणों की कमी होती है, परन्तु केल्शियम लवणों की अधिकता होती है।

4. जलोढ़ मिटटी :- इस मिट्टी को दोमट या कछारी मिट्टी भी कहा जाता है, यह मिट्टी राज्य के पूर्वी भाग भरतपुर, धौलपुर, दौसा, जयपुर, टोंक एवं सवाईमाधोपुर जिले में पाई जाती है । इस मिट्टी का रंग पीला होता है। यह राज्य की सर्वाधिक उपजाऊ मिट्टी है । इस मिट्टी में नमी धारण करने की क्षमता सर्वाधिक होती है । इस मिट्टी में नाइट्रोजन व कार्बनिक लवण पर्याप्त मात्रा में पाये जाते है। यह मिट्टी गेहूँ, ज्वार, मक्का, सरसों, जौ आदि के लिये उपर्युक्त होती है।

5. लवणीय मिट्टी :- लवणीय मिट्टी सबसे अधिक बाडमेर व जालौर के क्षेत्र में पाई जाती है । प्राकृतिक रूप से यह मिट्टी निम्न भूभागों में निरन्तर पानी के जमाव से बनती है । इस मिट्टी में क्षारीय तत्वों की मात्रा अधिक होने के कारण पूर्णतः अनुपजाऊ है।

6. लाल बलूई मिट्टी :- यह मिट्टी मरूस्थलीय भागों में पाई जाती है । इसका रंग लाल होता है । इसमें नाइट्रोजन व कार्बनिक तत्वों की कमी पाई जाती है । यह मिट्टी जोधपुर, नागौर, पाली, जालौर, चुरू, बाडमेर एवं झुन्झुनूं जिले में पाई जाती है।

7. लाल दोमट मिट्टी :- लोह ऑक्साइड़ की कमी के कारण इस मिट्टी का रंग लाल होता है । इस मिट्टी में केल्शियम, फास्फोरस व नाइट्रोजन की कमी पाई जाती है । यह मिट्टी कपास व मक्का की खेती के लिये उपयुक्त है । यह मिट्टी मालवा के पठार की काली मिट्टी व दक्षिण अरावली में लाल मिट्टी का मिश्रण है

8. मध्यम काली मिट्टी :- राज्य के दक्षिणी-पूर्वी भाग कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ में यह मिट्टी दोमट या मटियार के रूप में पाई जाती है । इस मिट्टी में फास्फेट, नाइट्रोजन व जैविक पदार्थो की कमी होती है लेकिन केल्शियम तथा पोटाश की अधिकता रहती है । यह मिट्टी काली व कछारी मिट्टी का मिश्रण है । यह मिट्टी कपास, सोयाबीन, अफीम एवं संतरे उत्पादन हेतु विशेष उपयोगी है ।

नोट :- राजस्थान में प्रथम मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भारत सरकार की सहायता से 1958 में जोधपुर में स्थापित की गई । वर्तमान में राज्य में आठ स्थाई मिट्टी प्रयोगशालाए कार्यरत है । दुर्गापुरा (जयपुर), जोधपुर, अलवर, गंगानगर, झालावाड़, बांसवाड़ा तथा कोटा में है।

राज्य में मिट्टी के अनुसंधान से जुड़े प्रमुख अनुसंधान संस्थान

1. मरूस्थल वृक्षारोपण तथा अनुसंधान केन्द्र – जोधपुर

2. राजस्थान समस्याग्रस्त मिट्टी जाँच प्रयोगशाला – जोधपुर

3. सामान्य मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला – जयपुर

4. राजस्थान मृदा परीक्षण प्रयोगशाला – दुर्गापुरा (जयपुर) तथा जोधपुर

5. राजस्थान केन्द्रीय भूसंरक्षण बोर्ड – कोटा, जोधपुर


Extra mater Google search:-

राजस्थान की मिट्टियाँ pdf,
राजस्थान की मिट्टी Question,
राजस्थान क मिट्टियों का वैज्ञानिक वर्गीकरण,
राजस्थान की मिट्टियों से संबंधित प्रश्न,
लाल दोमट मिट्टी,
राजस्थान में मिट्टी अपरदन का सर्वाधिक क्षेत्र पाया जाता है,
राजस्थान की मृदा के बारे में प्रश्न,
Sirojam मिट्टी,

types of soil found in rajasthan,

soils of rajasthan pdf,

rajasthan soil wikipedia,

sandy soil is found in which district of rajasthan,

alluvial soil is found in which district of rajasthan,

soil fertility in rajasthan,

jaipur soil type,

is arid soil found in rajasthan,

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,377FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles