Pratapgard (प्रतापगढ) District Jila Darshan

प्रतापगढ

उपनाम :- कांठल, देवगढ़ व देवलिया/ देवल

Pratapgard (प्रतापगढ) District Jila Darshan
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परिचय

✦ प्रतापगढ़ की स्थापना 1699 मे प्रतापसिंह के द्वारा की गई।
✦ प्रतापगढ़ रियासत का प्रथम व्यवस्थित इतिहास गौरीशंकर हीराचंद औझा ने लिखा।
✦ 26 जनवरी 2008 को इसे जिला बनाया गया।
✦ इस समय राज्य की मुख्यमंत्री श्रीमति वसुंधरा राजे थी।
✦ यहां पर शासको व शहीदो की स्मृती मे बनाए गए स्मारको व छतरीयो को देवल या देवलिया कहा जाता है।
✦ यह राज्य का 33 वां जिला है। इसमे 5 तहसीले है।
✦ इसे परमेशचन्द्र कमेटी की सिफारिश पर बनाया गया।
✦ प्रतापगढ़ मे लगभग 800 सालो तक सिसौदिया वंश का शासन रहा है।
✦ इसी वंश के शासन को कालान्तर मे प्रतापगढ़ के नाम से जाना जाने लगा।
✦ प्रतापगढ की राजधानी देवगढ थी।
✦ महारावत उदयसिंह ने 1867 मे इसे अपनी राजधानी बनाया।

स्थान विशेष

🔍 कालिका माता मंदिर – इसका निर्माण मेवाड़ के गुहिल वंशीय राजाओ ने 8वीं व 9वीं शताब्दी में करवाया।
🔍 काकाजी की दरगाह – इसे कांठल का ताजमहल कहते है।
🔍 छोटी सादड़ीइसे प्रतापगढ की स्वर्णनगरी कहते है। यहां का भंवरमाता का मेला व सीतामाता अभ्यारण्य प्रसिद्ध है।
🔍 देवगढ़इसे महाराजा सुरजमल ने 1508 में बसाया। यहां का सोनेलाव तालाब, दलपत निवास महल, प्रतापबाव बावड़ी, मानसरोवर तालाब जो मनभावती द्वारा निर्मित है व तेजसागर प्रसिद्ध है।

🔍 सीतामाता अभ्यारण्य – यह क्षेत्र मुख्य रूप से प्रतापगढ की धरियाबाद तहसील एवं चितौड़गढ़ की बड़ी सादड़ी तहसील मे स्थित है।
✦ यह राजस्थान का एकमात्र सागवान के वनो का अभ्यारण्य है।
✦ यहां पर हिमालय के बाद सबसे ज्यादा मात्रा मे दुर्लभ औषधियां पाई जाती है।
✦ यहां पर आर्किड की दुर्लभ प्रजातियां एरीडीस व जुकजाईन पाई जाती है।
✦ फर्न्स की 9 दुर्लभ प्रजातियां भी यहां है।
✦ यहां पर बहने वाली नदीयों में जाखम, सीतामाता, टांकीया, भूदो व नालेश्वर प्रमुख है।
✦ इस अभ्यारण्य मे स्थित दो जलस्त्रोतो को लव व कुश नाम से जाना जाता है।
✦ इसे चीतल की मातृभूमि भी कहते है।
✦ यह क्षेत्र उड़न गिलहरी, सागवान के वृक्षो, चन्दन के पेड़ो व लव कुश की जन्मस्थली के कारण प्रसिद्ध है।
✦ यही पर महर्षि वाल्मिकी का आश्रम है।

🔍 तरल हींग – यहां पर दीपकनाथ महादेव का मन्दिर है जंहा पर मेला भी लगता है।

🔍 पीपलखुंट – यह नगर माही नदी के तट पर बसा हुआ है।

बांध परियोजनाएं :-
जाखम बांध – यह अनुपपुरा गांव मे स्थित है। यह राज्य का सबसे उंचा बांध है। इसकी उंचाई 81 मीटर है।
जनसंख्या विशेष :-
2011 में सबसे कम अनुसुचित जनसंख्या वाला जिला – डुंगरपुर व प्रतापगढ़।
2011 में सर्वाधिक कार्यशील जनसंख्या प्रतिशत – 55.5%
जिला विशेष

यह राज्य का दुसरा सबसे उंचा जिला है।
यहां औसत वर्षा 90 से.मी. है।
जिले की अरनोद तहसील मे प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण गौतम ऋषि की तपोस्थली गौतमेश्वर है।
गौतमेश्वर आदिवासी भीलो के आराध्य देव है।
यह राज्य का सबसे युवा जिला है।
इसे आदिवासी जिले का दर्जा प्राप्त है।
यह राज्य का 5 वां सबसे छोटा जिला है।

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