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भारत के प्रमुख नेशनल पार्क व वन्य जीव अभ्यारण्य (Major National Parks and Wildlife Sanctuaries of India) - gk website
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भारत के प्रमुख नेशनल पार्क व वन्य जीव अभ्यारण्य (Major National Parks and Wildlife Sanctuaries of India)

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भारत के प्रमुख नेशनल पार्क व वन्य जीव अभ्यारण्य
नेशनल पार्क व वन्य जीव अभ्यारण्य

 वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान

राष्ट्रीय उद्यान (103)

अभयारण्य- 537

कंजर्वेषन/संरक्षण रिर्जव – 67(सर्वाधिक- जम्मू कश्मीर में 33)

सामूदायिक रिजर्व- 26(सर्वाधिक- मेघालय में 22)

कुल संरक्षित क्षेत्र – 733

बायोस्फीयर/जैव मंडल रिजर्व – 18

बाघ रिजर्व- 50

हाथी रिजर्व – 29

रामसर नमभूमि-26

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राष्ट्रीय उद्यान – वनस्पति और जीवो की रक्षा के साथ साथ ऐतिहासिक व सांस्कृतिक परिदृश्य के महत्वपुर्ण स्मारको के सरंक्षण हेतु राष्ट्रीय उद्यानो की स्थापना की जाती है। इन्हे बड़ी मात्रा में संरक्षण प्राप्त होता है, इनमे मानव गतिविधियाँ मुख्यतः प्रतिबंधित रहती है।

वन्यजीव अभ्यारण्य – जानवरो व विशेष प्रजातियो की रक्षा के लिए वन्यजीव अभ्यारण्य बनाए जाते है, इनमे पशुचारण जैसी कुछ गतिविधियों के लिए अनुमति दी जा सकती है।

भारत के प्रमुख नेशनल पार्क व वन्य जीव अभ्यारण्य

उतर/उतर पूर्व भारत के महत्वपुर्ण राष्ट्रीय उद्यान

काजीरंगा नेशनल पार्क (असम) –

इसे दो डिवीजनों में बांटने का नोटिफिकेशन जारी किया गया था, इसका पहला डिवीजन ‘ईस्टर्न असम वाइल्डलाइफ’ और दुसरा ‘बिस्वनाथ वाइल्डलाइफ’ है।

ब्रह्मपुत्र नदी इन दोनो डिवीजनो को अलग करती है।

यह एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है।

इसे युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की सुची में शामिल किया जा चुका है। कंचनजंघा नेशनल पार्क (सिक्किम) –

यह भारत का पहला मिश्रित विश्व विरासत स्थल है।

कंचनजंघा विश्व की तीसरी सबसे उंची चोटी है।

जेमु ग्लेशियर इस चोटी पर स्थित है।

इसे युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की सुची में शामिल किया जा चुका है। केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क (मणिपुर) –

यह लोकटक झील में स्थित है।

यह विश्व का एकमात्र तैरता हुआ उद्यान है।

इसमें फुमड़ी नामक घास पाई जाती है, जो झील के लगभग 70% हिस्से पर फैली है।

यह सेंगाई हिरण के लिए जाना जाता है।

दाचीगाम नेशनल पार्क (जम्मु कश्मीर) –

यह कश्मीरी हांगुल के लिए प्रसिद्ध है।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (उतराखण्ड) –

यह भारत का पहला नेशनल पार्क है।

अन्य महत्वपुर्ण नेशनल पार्क –

नामदफा नेशनल पार्क – अरूणाचल प्रदेश

मानस नेशनल पार्क – असम

दुधवा नेशनल पार्क – उतर प्रदेश

उतर/उतर पूर्व भारत के महत्वपुर्ण वन्य जीव अभ्यारण्य

नन्धौर वन्य जीव अभ्यारण्य-

उतराखंड के नैनीताल व चम्पावत जिलो मे इसका विस्तार है।

बाघो की तेजी से बढ़ती संख्या के लिए चर्चित

तराई आर्क लैंडस्केप यानी TAL के तहत नन्धौर क्षेत्र आता है।

यह गोला व शारदा नदी के बीच स्थित है।

लीपा-असरा वन्यजीव अभ्यारण्य-

यह हिमाचल के किन्नौर जिले में स्थित है।

यहां पर स्नो लेपर्ड पाया जाता है।

फाकिम वन्यजीव अभ्यारण्य-

यह नागालैण्ड में स्थित है।

इस अभ्यारण्य के फोरेस्ट गार्ड ‘अलेंबा यिमचुंगर’ को वर्ष 2019 में ‘अर्थ डे नेटवर्क स्टार’ अवार्ड मिला था।

तृष्णा वन्यजीव अभ्यारण्य-

यह त्रिपुरा में स्थित है।

यह प्राकृतिक गैस निकालने से संबंधित है।

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने ONGC को तृष्णा गैस प्रोजेक्ट के लिए मंजुरी थी।

यहां पर गौर या इंडियन बाइसन, हुलाक गिबन, कैप्ड लंगुर और गोल्डन लंगुर आदि पाए जाते है।

गुमती वन्यजीव अभ्यारण्य-

यह त्रिपुरा में स्थित है।

यह त्रिपुरा का सबसे बड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य है।

इसमे हाथी, बाइसन, सांभर, बार्किंग हिरण, जंगली बकरी आदि पाए जाते है।

त्रिपुरा के अन्य वन्यजीव अभ्यारण्य – सेपाहीजला वन्यजीव अभ्यारण्य तथा रोवा वन्यजीव अभ्यारण्य

पक्के वन्यजीव अभ्यारण्य-

इसे पखुई वन्यजीव अभ्यारण्य के नाम से भी जाना जाता है।

यह अरूणाचल प्रदेश में स्थित है।

इस क्षेत्र का संरक्षित भाग पक्के और कामेंग नदियो के क्षेत्र में आता है।

इसमें बार्किंग हिरण, होंग हिरण व हॉर्नबिल जैसी प्रजातियां पाई जाती है।

दक्षिण भारत के महत्वपुर्ण राष्ट्रीय उद्यान

मुकुर्थी नेशनल पार्क (तमिलनाडु) –

इसमे नीलगिरी ताहर की बढोतरी देखी गई है।

यहां पर सांभर, बार्किंग हिरण व नीलगिरी मर्टन आदि पाए जाते है।

यह नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है।

बनेरघट्टा नेशनल पार्क (कर्नाटक) –

इसके आस पास का क्षेत्र मानव हाथी संघर्ष की दृष्टि से संवेदनशील है।

यह बच्चो के लिए बंगलुर के चंपकधाम पहाड़ीयों की घाटी में जंगलो के बीच बना एक प्रसिद्ध जैविक मनोरंजन का केन्द्र है।

बांदीपुर नेशनल पार्क (तमिलनाडु) –

2019 में भीषण आग लगने के कारण यह चर्चा में रहा

यह भारत का सबसे बड़ा नेशनल बायोस्फीयर रिजर्व नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व का निर्माण करता है।

इसमे केरल का वायनाड वन्यजीव अभ्यारण्य व कर्नाटक का नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान शामिल है।

यहां पर गौर बैल, सांभर, चीतल, माउस हिरण, चार सिंग वाले मृग, जंगली सुअर, सियार आदि पाए जाते है।

एराविकुलम नेशनल पार्क (केरल) –

यह नीलगिरी ताहर और नीलकुरीजी फूल के लिए प्रसिद्ध

अन्नामुडी शोला नेशनल पार्क (केरल) –

यह राष्ट्रीय उद्यान मन्नवन शोला, इदिवारा शोला और पुल्लार्डी शोला से बना हुआ है।

इसमे जंगली हाथी, बाघ, पैंथर, भारतीय बाइसन और नीलगिरी ताहर, फ्लाइंग गिलहरी स्पॉटेड डियर, गौर आदि पाए जाते है।

अंशी नेशनल पार्क (कर्नाटक)-

इसमें हाथी, गौर, बाघ, तेंदुआ, सांभर, हिरण, बार्किंग हिरण, नीलगिरी लंगुर, मालाबार विशाल गिलहरी आदि शामिल है।

दक्षिण भारत के महत्वपुर्ण वन्यजीव अभ्यारण्य

पराम्बिकुलम वन्यजीव अभ्यारण्य-

यह केरल में स्थित है।

इसमें पराम्बिकुलम, थनकाडावु और पेरूवरिप्पल्लम नामक तीन मानव निर्मित जलाशय है।

इसमें तेंदुआ, हाथी, गौर, चितीदार हिरण सांभर, नीलगिरी लंगुर आदि पाए जाते है।

मेगामलाई वन्यजीव अभ्यारण्य-

यह तमिलनाडु में स्थित है।

पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत

बन्नी ग्रासलैण्ड (गुजरात)-

यह भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा प्राकृतिक घास का मैदान है।

पाकिस्तान में सिंध के साथ साथ इसकी भौगोलिक सीमा बलूचिस्तान और अफगानीस्तान से लगती है।

बन्नी नेशनल पार्क 22 जातीय समुदायो के साथ साथ मालधारी चरवाहो का घर है।

बांधवगढ नेशनल पार्क (मध्य प्रदेश)-

यहां पर भारत का सर्वाधिक बाघ जलघनत्व पाया जाता है।

यह उद्यान रॉयल बंगाल टाइगर के लिए भी प्रसिद्ध है।

नौरादेही नेशनल पार्क (मध्य प्रदेश)-

इस अभ्यारण्य में चीता री-इंट्रोडक्शन प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित करने की बात नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के द्वारा कही गई है।

भीतरकणिका नेशनल पार्क (ओडिशा)-

यह भारत के सबसे बड़े मैंग्रोव इको सिस्टम में से एक है।

इसमें समुन्द्री कछुए, लैपर्ड कैट, फिशिंग कैट, जंगली बिल्ली, लकड़बग्घा, डॉल्फिन व खारे पानी के मगरमच्छ आदि जीव पाए जाते है।

यह ब्राह्मणी, बैतरणी, धामरा और महानदी के एश्चुरी (ज्वारनदमुख) पर स्थित है।

गहिरमाथा समुन्द्री वन्यजीव अभ्यारण्य (ओडिशा)-

यह ओलिव रिडले कछुओ के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

चांडका दम्पारा अभ्यारण्य (ओडिशा)-

यह बांस में उपजने वाली चावल की एक प्रजाति बम्बु राईस का संचय शुरू करने के कारण चर्चा में रहा है।

जलदापारा नेशनल पार्क (प.बंगाल)-

यह एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है।

यहां पर ग्रेट बैबिल नामक पक्षी विशेष आकर्षण का केन्द्र है।

भारत के प्रमुख टाइगर रिजर्व

राज्य ⟶ बाघ रिज़र्व स्थापना वर्ष

राजस्थान

रणथम्भोर 1973-74

सरिस्का 1978-79

मुकुन्दरा हिल्स 2013

असम

काजीरंगा 2006

मानस 1973-74

नेमारी  1999-00

अरूणाचल

नामदफा 1982-83

पक्के/पाकुई 1999-00

आन्ध्रप्रदेश

नागार्जुन 1982-83

श्रीसेलम

बिहार

वाल्मिकी 1989-90

छतीसगढ

इन्द्रावती 1982-83

अचानकुमार 2008-09

उदंती सिंतानंदी 2008-09

झारखण्ड

प्लामू 1973-74

कर्नाटक

बांदीपुर 1973-74

नागरहोल 1999-00

भद्रा 1998-99

दादेली अंशी 2007

बिलिगिरिरंग 2011-12

केरल

पेरियार 1978-79

पाराम्बिकुलम2008

मध्यप्रदेश (टाइगर स्टेट)

बांधवगढ 1993

सतपुरा 1999-00

कान्हा 1973-74

पना 1994-95

पेंच 1992-93

संजय डुबरी 2008-09

महाराष्ट्र

मेलघाट 1973-74

टडोब अन्धेरी 1993-94

सहयाद्री 2009-10

नवेगांव नागजीरा 2013

बोर 2014

मिजोरम

डपा 1994-95

उतरप्रदेश

दुधवा 1987-88

अमानगढ 2012

पीलीभीत 2012

उतराखण्ड

जिम कॉबेट 1973-74

प.बंगाल

बुक्सा 1982-83

सुंदरवन 1973-74

तेलंगाना

कवल 2012-13

ओडिशा

सिमिलपाल 1973-74

सतकोसिया 2008-09

तमिलनाडु

कालकंड-मूंदथुरेई 1988-89

अन्नामलाई 2007

सत्यमंगल 2013

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