Karauli (करौली) District Jila Darshan

करौली

karauli rajasthan map,

karauli tehsil map-

karauli district village list- total village-207

Karauli (करौली) District Jila Darshan
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परिचय

करौली की स्थापना यदुवंशी राजा अर्जुन सिंह ने वि.स. 1405 व सन् 1348 में की।
 स्थापना के समय इसका नाम कल्याणपुरी था।
➤ यहां के शासको की कुलदेवी कैलादेवी को माना जाता है।

karauli area- 5,043 km²

करौली का प्रसिद्ध नृत्य लांगुरिया है।
➤ करौली शहर को भद्रावती नदी के किनारे बसाया गया है।
➤ यह राज्य का 32वां जिला है।
यह अंग्रेजो की अधीनता स्वीकार करने वाली पहली रियासत थी। इस समय यहां पर हरबक्षपाल का शासन था।

मार्च 1948 को इसका मत्स्य संघ में विलय किया गया।
➤ करौली की आकृति बतख के समान है।
➤ राज्य का मिट्टी से बना सबसे बड़ा बांध पांचना बांध है जो यही पर है। चम्बल नदी जिले को मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से अलग करती है।
➤ यहां खोरड़ी माता का मंदिर है।
➤ राज्य मे न्युनतम लघु इकाइया इसी जिले में है।

karauli district tehsil list-total tahsil-7

स्थान विशेष

श्री महावीर जी,चांदन – यहां पर जैनियो का सबसे बड़ा मेला महावीर जी का मेला लगता है। यह मेला चैत्र शुक्ला त्रयोदशी से वैशाख कृष्ण द्वितीया तक लगता है। यहां की लट्ठ मार होली भी प्रसिद्ध है। यहां पर महावीर जी की 400 वर्ष पुरानी मुर्ति है। यह स्थल गंभीरी नदी के किनारे पर स्थित है।

डांग क्षेत्र- धौलपुर, करौली व सवाईमाधोपुर का क्षेत्र बीहड़ व डांग क्षेत्र के नाम से जाना जाता है।

कैलादेवी– कैलादेवी की अष्टभुजाकार मुर्ति वाले इस मंदिर पर कैलादेवी का मेला चैत्र शुक्ला अष्टमी के दिन लगता है। कैला देवी के भक्तो के द्वारा लांगुरिया गीत गाया जाता है। यहां पर कैला देवी वन्य जीव अभ्यारण्य स्थित है, जो 674 कि. मी. क्षेत्र मे फैला हुआ है व धौंक वन भी प्रसिद्ध है।

पांचना बांध- गंभीरी नदी के तट पर पांच सहायक नदियों के संगम पर बने इस बांध की मुख्य विषेशता यह है कि यह मिट्टी से बना है। यहां पर मध्यम सिंचाई परियोजना भी है।

हिंडोन- यह स्थान स्लेट निर्माण के लिए प्रसिद्ध

तिमनगढ- यहां पर त्रिभुवनपाल द्वारा निर्मित तिमनगढ़ का किला है।

अंजनीमाता मंदिर- इस मंदिर की विषेशता यह है कि यहां पर माता की हनुमान जी को स्तनपान करवाते हुए मुर्ति है।
हरसुख विलास- यह सफेद चन्दन के वृक्षो का उद्यान है जिसे राजा हरबक्ष पाल ने बनवाया था।

मदनमोहन जी का मंदिर- यहां पर लगभग 250 मंदिर है। यह गौड़ीय सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर है। यहां प्रमुख मंदिर मदनमोहन जी का है जिसमे महाराजा गोपालदास जी ने काले मार्बल की मदनमोहन जी की मुर्ति लगवाई है।

मण्डलराय का किला- बृज बहादुर द्वारा निर्मित इस किले को ग्वालियर दुर्ग की चाबी भी कहते है।

महाशिवरात्री पशु मेला- फाल्गुन माह मे 14 दिन तक यह पशुमेला चलता है।

सपोटरा – रतनपाल के पुत्र उद्येपाल ने 200 वर्ष पहले यहां पर दुर्ग बनवाया था।

 महवा – यहां पर गणेराव जी का मंदिर व संत रमानंद जी की समाधी बनी है।

करौली प्रजामण्डल – 1938 मे मुंशी त्रिलोकचन्द्र माथुर ने करौली राज्य सेवक संघ की स्थापना की व 1939 में करौली प्रजामण्डल की स्थापना की गई। करौली पहली रियासत थी जो डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स के तहत हस्तगत हुई।

 कालीबाई महिला साक्षरता उन्नयन पुरूस्कार – राज्य मे सर्वोच्च शिक्षा सम्मान के रूप में पहली बार यह करौली की कमलाबाई को सितम्बर 2005 में दिया गया।

karauli district population-14.6 lakh

अन्य स्थान

यहां पर उंटगिर का किला व भद्रावती नदी पर चुलीदेह परियोजना मुख्य आकृषक का केन्द्र है।

 प्रमुख बांध परियोजना- जग्गर परियोजना व चुलीदेह परियोजना

प्रमुख महोत्सव- कैलादेवी व महाशिवरात्रि महोत्सव

दुर्ग – तिमनगढ दुर्ग, मण्डलराय दुर्ग, उंटगिर दुर्ग व बहादुरपुर दुर्ग

सर्वाधिक उत्पादन वाली फसले – नींबु व खस
खनिज – बालुका पत्थर
karauli news,karauli pin code-322255

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