Jhunjhunu ( झुंझुनू ) District Jila Darshan

 झुंझुनू  

झुंझुनू जिला दर्शन-
Jhunjhunu district tehsil-total tahsil- 6
Jhunjhunu district village list – total village- 271
Jhunjhunu district Area- 5928km²
Jhunjhunu district population – 21,37,045
Jhunjhunu tahsil map-

https://haabujigk.in/2020/08/jaipur-district-jila-darshan.html
Jhunjhununn-district-Rajasthan

परिचय

इतिहासवेता हरनाथसिंह के अनुसार झुंझुनूं को पांचवी-छठी सदी में बसाया गया।

⏩ एक उल्लेख यह भी है कि सन् 1451-1488 ई. के बीच झुंझा जाट के नाम पर झुंझुनूं को बसाया गया।

⏩ डा. उदयवीर शर्मा ने लिखा है कि झुंझा जाट के नाम पर झुंझुनूं बसाने की बात पुष्टि प्रमाणो के आधार पर खरी नही उतरती है।

⏩ झुंझुनूं का आखिरी नवाब रूहेल खां था। उसकी मृत्यु के बाद यहां पर वि.स.1787 में शेखावत राजपुतो का आधिपत्य हो गया।

⏩ शार्दुलसिंह के निधन के बाद उनके पांच पुत्रो के मध्य झुंझुनूं ठिकाने का विभाजन हुआ जो की पंचपाना कहलाया।

⏩ यहां पर इसरदास मोदी की हवेली में 100 से ज्यादा खिड़कियां है।

झुंझुनूं का संस्थापक मोहम्मद खां या झुंझा जाट को माना गया है।

⏩ यह सर्वाधिक पुरूष व ग्रामीण साक्षरता वाला जिला है।

⏩ यहां के भिति चित्र व हवेलियां अत्यधिक प्रसिद्ध है जो मांडुवा/मंडावा कहलाते है।

⏩ राज्य की पहली महिला विधानसभा अध्यक्षा श्रीमति सुमित्रा सिंह जो गैलोरी ऑफ इण्डिया अवार्ड से सम्मानित हो चुकी है का सम्बंध भी झुंझुनूं से है।

⏩ 0-6 वर्ष आयु वर्ग मे सबसे कम लिंगानुपात ,837द्ध वाला जिला भी यही है।

⏩ खेतड़ी में 30 हजार टन क्षमता का तांबा गलाने का संयंत्र लगाया गया है।

⏩ खेतड़ी महल का निर्माण ग्रीष्मकालीन विश्राम स्थल के रूप में हुआ था।

⏩ खेतड़ी मे स्वामी विवेकानंद जी आए थे।

स्थान विशेष

नरहड़ – नरहड़ की दरगाह जो हजरत शक्कर पीर की दरगाह है आस्था का केन्द्र है।

पिलानी – केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिक अभियान्त्रिकी अनुसंधान-CEERI यहां पर है, यहां राज्य का प्रथम निजी नर्सिंग कॉलेज, राज्य का पहला निजी नर्स कम्पाउडर प्रशिक्षण केन्द्र, BITS बिड़ला तकनीकी म्युजियम व पंचवटी प्रमुख स्थान है।

महणसर – भिति चित्रो की स्वर्णिम पॉलिश के लिए प्रसिद्ध सोने चांदी की हवेलियां।

मण्डावा – ओपन आर्ट गैलरी के नाम से प्रसिद्ध भिति चित्र युक्त हवेलियां।

नवलगढ –

  1. यह स्थान शेखावटी महोत्सव के लिए व भिति चित्र युक्त हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है।
  2. यहां पर पोद्धारो की हवेलीरूपनिवास महल मुख्य आकर्षण का केन्द्र है।

उदयपुरवाटी –

  1. यह स्थान किरोड़ी जहां पर केवड़े के वृक्ष पाए जाते है, लोहार्गल जो पाण्डवो से सम्बंधीत स्थान है तथा चौबिस कोसीय परिक्रमा/मालखेत जी की परिक्रमा के लिए प्रसिद्ध है।
  2. यहां पर जोगीदास जी की छतरी है जो शेखावटी के प्राचीनतम भिति चित्रो के लिए प्रसिद्ध है।

खेतड़ी –

  1. यहां पर पन्नालाल शाह तालाब, अजीत सागर तालाब, हिन्दुस्तान कॉपर लि. व तांबा अयस्क क्षेत्र होने के कारण प्रसिद्ध है।
  2. यहां के राजा अजीतसिंह ने विवेकानन्द जी के शिकागो धर्म सम्मेलन में भाग लेने की व्यवस्था करवायी थी।

खेतड़ी महल – महाराजा भोपाल सिंह द्वारा निर्मित इस महल की आकृती लखनउ की भुलभूलैया जैसी है व इसमें जयपुर के हवामहल की झलक दिखती है इसलिए इसे शेखावटी का हवामहल कहते है।

सिंघाना – यह लौह अयस्क खनिज क्षेत्र है।

नेतका टीला – यहां पर राणी सती का मंदिर है।

बगड़ – इस कस्बे में पुराना स्थल रूपादास जी का मंदिर है जो 800 वर्ष पुराना है।

बिसाउ – यहां पर बुधिया महादेव जी का मंदिर गोविंद देव जी का मंदिर है।

नूआं – यहां प्राचीन हवेली की खुदाई के दौरान अन्तिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के समय में ईस्ट इण्डिया कम्पनी की और से जारी एक रूपए मुल्य के हजारो चांदी के सिक्के मिले है।

सुनारी – खेतड़ी के पास स्थित इस स्थान से खुदाई के दौरान लौह अयस्क से लौहा बनाने की प्राचीनतम भट्टीयां मिली है।

इस्माइलपुर – जल संरक्षण के मामले में इस गांव ने पुरे राज्य में अनुठी मिसाल कायम की है।

नरोतमलाल जोशी- जिले के प्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी, राजस्थान विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष रहे है।

गोरीर – यहां पर सौर उर्जा उपक्रम है।

👉 अन्य चर्चित स्थल- कमरूदीन की दरगाह, मनसा माता का मंदिर, बादलगढ, चंचलनाथ का टीला, नवाब रूहेल खां का मकबरा व टीबडेवाला की हवेली

मुख्य हवेलियां- सुरदास मीदी व भक्तो की हवेली

प्रमुख बावड़ी – तुलस्यानो की बावड़ी

उद्योग विशेष

ज्योति ट्रिपल खाद कारखाना खेतड़ी मे है।

हिन्दुस्तान कॉपर लि.,खेतड़ी जो की केन्द्र सरकार का एक उपक्रम है।

केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिक अभियान्त्रिकी अनुसंधान -पिलानी

खनिज – तांबा व कैल्साइट

उर्जा – सौर उर्जा का संयंत्र खेतड़ी में है।

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झुंझुनू जिले का इतिहास

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