Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835
भारत में उद्योग (Industries in india) - gk website
Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

भारत में उद्योग (Industries in india)

भारत में उद्योग
भारत में उद्योग

 भारत में उद्योग

👉 भारत प्राचीन काल से ही कुटीर उद्योगो, शिल्पो तथा वाणिज्य के लिए प्रसिद्ध था। भारतीय मलमल, सूती एवं रेशमी वस्त्र, कलात्मक वस्तुओं की विश्व में बहुत मांग थी। किन्तु इंग्लैण्ड में हुई औद्योगिक क्रांति ने भारत के परम्परागत हस्त शिल्प उद्योग को बुरी तरह से प्रभावित किया।

राजस्थान का जिला दर्शन 👉 click here
राजस्थान का भूगोल 👉 click here
राजस्थान का इतिहास 👉 click here
Rajasthan Gk Telegram channel 👉 click here

👉 स्वंतंत्रता के बाद देश की पहली औद्योगिक नीति की घोषणा 6 अप्रेल 1948 को तत्कालीन केन्द्रीय उद्योग मंत्री डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के द्वारा की गई। इसके साथ ही भारत में मिश्रित एवं नियंत्रित अर्थव्यवस्था की नींव रखी गई।

स्वतंत्रता से पूर्व भारत में स्थापित उद्योग –

★ लौह इस्पात उद्योग :- 1874 में कुल्टी (प. बंगाल) में पहला व्यवस्थित लौह इस्पात केन्द्र स्थापित किया गया।

★ एल्युमिनियम उद्योग :- 1837 में जे.के. नगर (प. बंगाल) में पहला एल्युमिनियम उद्योग स्थापित किया गया।

सीमेन्ट उद्योग :- सीमेन्ट उद्योग का पहला कारखाना 1904 में चेन्नई में लगाया।

रसायनिक उद्योग :- भारत में रसायनिक उद्योग की शुरूआत 1906 में रानीपेट (तमिलनाडू) में सुपर फास्फेट के यंत्र के साथ हुई।

जहाजरानी उद्योग :- 1941 में विशाखापतनम में पहला जहाजरानी उद्योग लगाया गया जिसका नाम हिन्दुस्तान शिपयार्ड था।

सुती वस्त्र उद्योग :- 1818 में कोलकता में प्रथम सुती वस्त्र मील की स्थापना की गई जो असफल रही। 1854 में मुंबई में प्रथम सफल सुती वस्त्र मील की स्थापना डाबर ने की

★ जूट उद्योग :- जूट उद्योग की स्थपना 1955 में रिसदा (कोलकता) में की गई।

ऊनी वस्त्र उद्योग :- भारत में पहली ऊनी वस्त्र मील की स्थापना 1876 में कानपुर में की गई।

नई औद्योगिक नीति, 1991

➤ 24 जुलाई 1991 में घोषित इस नीति के तहत औद्योगिक क्षेत्र में उदारीकरण, निजीकरण व भूमण्डलीकरण का नारा दिया गया।

इस नीति के तहत औद्योगिक व वितीय पुनर्निमाण बोर्ड (BIFR) का गठन किया गया।

सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका में कटौती करते हुए शेयरो को खुले बाजार में जारी किया गया।

नई विनिर्माण नीति, 2011

4 नवंबर 2011 को नई विनिर्माण नीति की घोषणा की गई। इसका उद्देश्य GDP में विनिर्माण की हिस्सेदारी को 25 प्रतिशत तक करना तथा रोजगार के क्षेत्र में 10 करोड़ से भी अधिक रोजगारो का सृजित करना था।

वर्ष 1951-52 में GDP में औद्योकगिक क्षेत्र का भाग 16.6 प्रतिशत था जो कि वर्ष 2016-17 में बढकर 29.02 प्रतिशत हो गया तथा वर्तमान में यह लगभग 31 प्रतिशत है।

पंचवर्षीय योजनाओं में उद्योग क्षेत्र की वृद्धि दर

योजना अवधि ⟶ वृद्धि दर (प्रतिशत में)

पहली योजना 5.54

दूसरी योजना 5.59

तीसरी योजना 6.28

तीन वार्षिक योजनाएं 1.42

चौथी योजना 4.91

पांचवी योजना 6.55

छठवी योजना 5.32

सातवीं योजना 6.77

दो वार्षिक योजनाएं 0.10

आठवीं योजना 7.58

नौवीं योजना 4.29

दसवीं योजना 9.17

ग्यारवीं योजना 7.4

बारहवीं योजना 8.5

भारत के प्रमुख विनिर्माण उद्योग

लौह इस्पात उद्योग :-

वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन 2018 की रिपोर्ट के अनुसार लौह इस्पात उत्पादन में भारत चीन व अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर है।

2003 के बाद से भारत स्पंज आयरन का विश्व मे सबसे बड़ा उत्पादनकर्ता है।

फरवरी 2018 से भारत कच्चे इस्पात के उत्पादन में जापान को पीछे छोड़कर दूसरे पायदान पर आ गया है।

इस उद्योग में कच्चे माल के रूप में लौह अयस्क, मैग्नीज, चूना पत्थर, कोकिंग कोयला एवं डोलोमाइट का प्रयोग किया जाता है।

1907 में साकची, झारखण्ड में जमशेद जी टाटा द्वारा लौह इस्पात उद्योग टाटा आयरन व स्टील कम्पनी (TISCO) की स्थापना की गई। इसे भारत में आधुनिक लौह इस्पात की शुरूआत माना जाता है।

भारत में पहली बार 1874 में कुल्टी, प.बंगाल में ‘बंगाल आयरन वर्क्स’ की स्थापना हुई, जो अब बंगाल लोहा व इस्पात उद्योग में बदल गया है।

1907 में जमशेदपुर में TISCO भारत मे स्थापित पहली निजी क्षेत्र की लौह इस्पात उद्योग की इकाई बनी।

दुसरी पंचवर्षीय योजना में लगाए गए कारखाने –

राउरकेला (उड़ीसा) :- जर्मनी के सहयोग से स्थापित (1959 में स्थापना)

भिलाई (छतीसगढ) :- रूस के सहयोग से स्थापित (1955 में स्थापना, 1959 से उत्पादन शुरू)

दुर्गापुर (प. बंगाल) :- ब्रिटेन के सहयोग से स्थापित (1959 में स्थापना, 1962 से उत्पादन शुरू)

नोट :- तीसरी पंचवर्षीय योजना में रूस की सहायता से 1966 में बोकारो (झारखण्ड) में लौह इस्पात कारखाने की स्थापना की गई।

1974 में सरकार ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया (SAIL) की स्थापना की तथा इसे इस्पात उद्योग के विकास की जिम्मेदारी दी गई।

‘सेल’ के अधीन एकीकृत इस्पात संयत्रो की संख्या अब आठ (भिलाई, दूर्गापुर, राउरकेला, बोकारो, इस्को, विश्वेश्वरैया, विशाखपतनम एवं सलेम) हो गई है।

सीमेंट उद्योग :-

वर्तमान में भारत सीमेन्ट उत्पादन में चीन के बाद विश्व में दूसरा स्थान रखता है।

देश में आधुनिक सीमेंट बनाने का कारखाना 1904 में चैन्नई में शुरू हुआ।

यह एक भारह्रासी उद्योग है जिसमें एक टन उत्पादन के लिए 2.02 टन कच्चे माल की आवश्यकता होती है, जिसमें 1.6 टन केवल चुना पत्थर होता है।

इसके अवशिष्ट पदार्थ स्लैग कहलाते है। मध्य प्रदेश में चूना पत्थर के सर्वाधिक संचित भण्डार होने के कारण इस उद्योग का सर्वाधिक विकास मध्य प्रदेश में हुआ है।

सीमेन्ट उद्योग के सर्वाधिक कारखाने आन्ध्रप्रदेश में है।

रसायनिक उर्वरक उद्योग :-

हरित क्रांति को सफल बनाने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान इसी उद्योग का रहा।

भारत नाइट्रोजन उत्पादको का दुसरा सबसे बड़ा तथा फास्फेट उर्वरको का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।

भारत में पोटाश उर्वरको का उत्पादन नही होता है।

रसायनिक उर्वरको के अन्तर्गत तीन प्रकार के उर्वरको का उत्पादन होता है-

नाईट्रोजन, फास्फेटिक व पोटाश उर्वरक

भारत की जलोढ मृदा में नाईट्रोजन की कमी के कारण यहां नाईट्रोजन उर्वरक की मांग व उत्पादन अधिक होता है।

भारत में मुख्यतः 2 प्रकार के उर्वरको का उत्पादन किया जाता है-

(1) नाईट्रोजन आधारित उर्वरक

(2) फॉस्फोरस आधारित उर्वरक

भारत का पहला उर्वरक कारखाना 1906 में रानीपेट (तमिलनाडू) में स्थापित किया गया।

1961 में भारतीय उर्वरक निगम की स्थापना की गई।

प्रमुख रसायनिक उर्वरक कम्पनीयां –

⤑ फर्टीलाइजर कार्पोरेशन आफ इंडिया लि. (FCI) – सिंदरी, गोरखपुर, तालचेट व रामागुण्डम

राष्ट्रीय केमिकल्स व फर्टीलाइजर्स लि. (RCF)ट्रांबे व थाल (महाराष्ट्र)

इंडियन फामर्स फर्टिलाईजर कॉपरेटिव लि. (IFFCO) – कलोल व कांडला (गुजरात), फूलपुर व आंवला (उतर प्रदेश)

कृषक भारती कॉपरेटिव लि. (कृभको) – हजीरा

पेट्रो रसायन उद्योग :-

इसे चार भागो में विभाजित किया सकता है-

(1) पॉलीमर/प्लास्टिक

(2) कृत्रिम रेशा/सिंथेटिक रेशा

(3) औषधि निर्माण/ कीटनाशक निर्माण/ रंगने के पदार्थ / कृत्रिम डिटर्जेंट निर्माण

(4) पटाखा उद्योग

देश में सर्वाधिक पेट्रो रसायन का उत्पादन गुजरात में होता है।

यह उद्योग भारत में नवीन है।

इसका पहला संयत्र निजी क्षेत्र में युनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड द्वारा 1966 में ट्राम्बे में स्थापित किया गया।

भारत में सार्वजनिक क्षेत्र में प्रथम कारखाना इंडियन पेट्रोकेमिकल्स लि., बड़ोदरा में 1969 में स्थपित किया गया।

सुती वस्त्र उद्योग :-

यह भारत का सबसे प्राचीन व संगठित उद्योग है।

यह भारत सबसे बड़ा उद्योग है जो रेलवे के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देता है।

औद्योगिक उत्पादन में इसका योगदान 14 प्रतिशत है।

भारतीय पूंजी से प्रथम सफल कारखाना बम्बई स्पिनिंग एण्ड वीविंग कम्पनी कवास जी नानाभाई डाबर ने सन् 1854 में मुंबई मे लगाया।

मुंबई को सुती वस्त्र उद्योग की राजधानी (कॉटनपोलिश ऑफ इंडिया) कहा जाता है।

अहमदाबाद को भारत का मैनचेस्टरपूर्व का बोस्टन कहा जाता है।

कानपुर को उतर भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है।

सुरत जरी के कार्य के लिए जाना जाता है।

भारत का पहला टेक्सटाइल पार्क जयपुर के निकट बगरू में प्रारम्भ हुआ।

तमिलनाडू में देश के कुल मिल सुती वस्त्र उत्पादन का 45 प्रतिशत सुत का उत्पादन तमिलनाडू में होता है।

कोयम्बटूर को दक्षिण भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है।

बुनकरो को अच्छी सेवाएं देने व 24 घंटे आवश्यक सुचनाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ई-धागा एप की शुरूआत की गई। यह एप 10 भाषाओं में उपलब्ध है।

कपड़े का देश के कुल निर्यात मे 20 प्रतिशत योगदान है।

समेकित कौशल विकास योजना नाम से एक नई योजना 5 अगस्त 2010 को वस्त्र, जूट व हथकरघा उद्योग को प्रोत्साहन हेतु शुरू की गई।

ऊनी वस्त्र उद्योग :-

भारत में ऊनी वस्त्र उद्योग का पहला कारखाना 1876 में कानपुर तथा 1881 में धारीवाल (पंजाब) में स्थापित किया गया।

भारत दुनियां का तीसरा सबसे बड़ा भेड़ जनसंख्या वाला देश है।

यह भारत के लगभग 12 लाख लोगो को रोजगार देता है।

भारत विश्व के कुल ऊन उत्पादन का 2% उत्पादन कर विश्व में 9 वां स्थान रखता है।

कश्मीर व हिमाचल में शॉल बनाना एक उन्नत कुटीर उद्योग है।

चीनी उद्योग :-

भारत विश्व मे चीनी का सबसे बड़ा उपभोक्ता व दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।

भारत में 2019 तक 587 चीनी मिले थी।

चीनी निर्यात मे भारत का विश्व मे चौथा स्थान है।

1840 में अंग्रेजो द्वारा बिहार के बेतिया में प्रथम सफल चीनी मील की स्थापना की गई 1931 में चीनी उद्योग को सरकारी संरक्षण मिला।

1960 तक उतर प्रदेश व बिहार भारत के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य थे। परन्तु इसके बाद दक्षिण भारत में नलकूप से सिंचाई का विकास होने के बाद से इसका विकेन्द्रीकरण दक्षिण भारत की तरफ होने लगा।

चीनी उद्योग का विकेन्द्रीकरण दक्षिण भारत में अधिक है। महाराष्ट्र में सबसे अधिक चीनी का उत्पादन होता है तथा यहां चीनी के सर्वाधिक कारखाने है।

गन्ने का प्रति हैक्टेयर सर्वाधिक उत्पादन तमिलनाडू में होता है।

इंजीनियरिंग उद्योग :-

➠ भारत में इंजी. उद्योग प्रधानतः सार्वजनिक क्षेत्र में है तथा स्वतंत्रता के बाद विकसित हुआ है।

भारत में यह उद्योग तीन वर्गों में विभाजित है-

1. भारी यान्त्रिक इंजीनियरिंग

2. हल्के यान्त्रिक इंजीनियरिंग

3. विद्युतीय इंजीनियरिंग उद्योग

➠ भारी मशीनो का निर्माण करने वाली प्रमुख इकाइयां निम्न है-

1. भारी इंजी. निगम लि., रांची

2. खनन एवं संबद्ध मशीनरी निगम लि., दुर्गापुर

3. भारत हैवी प्लेट्स एंड वैसेल्स लि., विशाखापतनम

4. त्रिवेणी स्ट्रक्चरल्स लि.,नैनी (प्रयागराज)

5. तुंगभद्रा स्टील प्रोडक्टस लि., कर्नाटक तथा आन्ध्र प्रदेश का संयुक्त उपक्रम

6. नेशनल इंस्ट्रमेंट लि., जादवपुर (कोलकता)

7. हिन्दुस्तान मशीन टूल्स लि., बंगलुरू (इसकी स्थापना स्वीटजरलैण्ड के सहयोग से 1963 में की गई।)

भारत हैवी इलेक्ट्रीक लि. (BHEL) सार्वजनिक क्षेत्र का विशालतम उपक्रम है। इसकी 6 इकाइयां भोपाल, तिरूचिरापल्ली, हैदराबाद, जम्मू, बंगलुरू तथा हरिद्वार में है।

जूट उद्योग :-

➠ बंगाल में जूट उद्योग का केन्द्रीकरण है। बंगाल के 64 लाख से भी अधिक परिवार इससे जुड़े होने के कारण इसें गोल्डन फाइबर ऑफ बंगाल कहा जाता है।

जूट का पहला कारखाना 1855 में जॉर्ज ऑकलैण्ड द्वारा रिशरा नामक स्थान पर लगाया गया।

भारत के कुल जूट उत्पादन का 90 प्रतिशत अकेले प.बंगाल में होता है।

जूट से निर्मित वस्तुओ के उत्पादन में भारत का विश्व में पहला तथा निर्यात में दूसरा स्थान है। (पहला स्थान बांग्लादेश का है)

इसके निर्यात हेतु कोलकता बंदरगाह का प्रयोग किया जाता है।

भारतीय जूट निगम 1971 में स्थापित किया गया।

कागज उद्योग :-

कागज बनाने का पहला आधुनिक कारखाना सीरामपुर (कोलकता) में 1832 में स्थापित किया गया।

1881 में प. बंगाल के टीटागढ से आधुनिक कागज उद्योग की शुरूआत की गई।

1 टन कागज के लिए लगभग 22 टन कच्चे माल की आवश्यकता होती है।

इसके कच्चे माल में 70 प्रतिशत बांस, 15 प्रतिशत सवाना घास, 7 प्रतिशत गन्ने की खोई, 5 प्रतिशत मुलायम लकड़ी, 3 प्रतिशत चावल, गेंहू आदि के पुआल, रद्दी कागज, कपडे. की मात्रा होती है।

प.बंगाल कागज उद्योग का परम्परागत क्षेत्र है।

नेपानगर (मध्यप्रदेश) अखबारी कागज के लिए जाना जाता है।

महाराष्ट्र के बल्लारपुर में देश की सबसे बड़ी कागज मील है।

मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में नोटो के लिए तैयार किया जाता है।

रेशम उद्योग :-

चीन के बाद भारत विश्व में दुसरा सबसे बड़ा रेशम उत्पादक देश है।

देश में रेशम का आधुनिक कारखाना ईस्ट इंडिया कम्पनी द्वारा 1832 में हावड़ा में प्रारम्भ किया गया। वर्तमान में देश में 324 रेशमी वस्त्रो के कारखाने है।

भारत में 5 प्रकार के रेशम उत्पादित किए जाते है- मलबरी, ट्रॉपिकलटसर, ओकटसर, इरी और मूंगा

भारत के कुल कपड़ा निर्यात में रेशमी वस्त्रो का योगदान लगभग 3% है।

केन्द्रीय सिल्क बोर्ड द्वारा 1 फरवरी 2019 को जारी रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक देश में सबसे ज्यादा कच्चे रेशम का उत्पादन करता है।

इससे रेशमी धागा बनाया जाता है।

बिहार तथा झारखण्ड टसर रेशम तथा असोम मूंगा रेशम का वृहतम उत्पादक राज्य है, जबकि मणिपुर एवं जम्मु कश्मीर में रेशम कीट पालन के लिए आदर्श जलवायु है।

एल्युमिनियम उद्योग :-

भारत विश्व का 4.9% एल्युमिनियम उत्पादित कर चौथे स्थान पर है। भारत का पहला एल्युमिनियम संयंत्र 1937 में प. बंगाल के जे.के. नगर(आसनसोल) में स्थापित किया गया।

1938 में झारखण्ड के मूरी नामक स्थान पर दुसरा तथा तीसरा उतरप्रदेश के रेणुकूट नामक स्थान पर हिन्दुस्तान एल्युमिनियम कार्पोरेशन (हिण्डाल्को) के रूप में लगाया गया।

27 नवंबर 1965 को सार्वजनिक क्षेत्र के पहले एल्युमिनियम उत्पादक उपक्रम के रूप में भारत एल्युमिनियम कम्पनी लि. (बाल्को) की स्थापना की गई।

7 जनवरी 1981 को नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लि. (नाल्को) की स्थापना की गई। यह भारत की सबसे बड़ी एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना कॉम्लेक्स है। 2008 में नाल्को को नवरत्न दर्जा दिया गया।

हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड :-

9 नवंबर 1967 को इसकी स्थापना की गई। यह देश का एकमात्र शोधित तांबे का एकीकृत उत्पादक है। इसकी चार इकाइयां देश के विभिन्न राज्यों राजस्थान, झारखण्ड, मध्यप्रदेश तथा महाराष्ट्र में है।

A. खेतड़ी कॉपर कॉम्पलेक्स (राजस्थान)

B. इंडियन कॉपर कॉम्पलेक्स (घाटशिला, झारखण्ड)

C. मलंजखंड कॉपर प्रोजेक्ट (मलंजखंड, मध्यप्रदेश)

D. तलोजा कॉपर प्रोजेक्ट (तलोजा, महाराष्ट्र)

जलयान निर्माण उद्योग :-

भारत में जलयान का पहला कारखाना 1941 में विशाखापतनम में स्थापित किया गया। इसे 1952 में सरकार ने अधिग्रहित करके इसका नाम हिन्दुस्तान शिपयार्ड रखा।

वर्तमान में भारत में जलयान निर्माण की 27 औद्योगिक इकाईयां सक्रिय है। इनमें से 8 सार्वजनिक व 19 निजी क्षेत्र की है।

कोचिन शिपयार्ड भारत का नवीनतम व सबसे बड़ा शिपयार्ड है। यह जापान के सहयोग से स्थापित किया गया है।

मझगांव शिपयार्ड, मुम्बई से भारतीय नौसेना के लिए युद्धपोत तैयार किए जाते है।

सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग :-

आधुनिक सूचना क्रांति का सूत्रपात प्रसिद्ध वैज्ञानिक आर्थर सी. क्लार्क की संकल्पना से शुरू हुआ।

राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी नीति-2011 के तहत इस क्षेत्र में कारोबार को 2020 तक बढाकर 300 अरब डॉलर तक ले जाने का प्रस्ताव इस नीति में किया गया है।

भारत में माइक्रो इलेक्ट्रोनिक्स का विकास 1984 से प्रारम्भ हुआ।

बंगलुरू में 300 से भी अधिक सॉफ्टवेयर कम्पनीयां है जिनमें से 50 बहुराष्ट्रीय है। इसलिए बंगलुरू को सिलिकन वेली/घाटी कहा जाता है।

भारत के सकल घरेलु उत्पाद में इसका योगदान 7.7% था। टेलीकॉम नेटवर्क में भारत का चीन के बाद दुसरा स्थान है।

पर्यटन उद्योग :-

विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद (WITC) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगातार विदेशी पर्यटको की वृद्धि हो रही है।

भारत दूनियां की 7 वीं सबसे बड़ी पर्यटन अर्थव्यवस्था है।

पर्यटन द्वारा रोजगार देने के मामले में भारत का विश्व मे दुसरा स्थान है।

पर्यटन को बढावा देने के लिए सरकार ने ग्लोबल मीडिया अभियान की शुरूआत की है।

देशी पर्यटको को आकर्षित करने के लिए सरकार ने देखो अपना देश जैसे स्लोगन वाक्यो का प्रयोग विज्ञापनो में किया है।

भारतीय पर्यटन विकास निगम लि. की स्थापना अक्टुबर 1966 में की गई।

पैलेस ऑन व्हील्स राजस्थान में तथा ओरियण्ट एक्सप्रेस गुजरात मे चलाई गई ट्रेन है।

राष्ट्रीय पर्यटन नीति 2002 की घोषणा भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए की गई।

स्टार्ट अप इंडिया अभियान

16 जनवरी 2016 को तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए उद्यमो को वितीय मदद देने के उद्देश्य से स्टार्ट अप इंडिया शुरू किया गया

स्टैण्ड अप योजना

15 अगस्त 2015 को स्टार्ट अप इंडिया की घोषणा की गई। इसकी शुरूआत 5 अप्रेल 2016 को नोएडा से की गई। इस योजना के तहत उधारकर्ताओ को ऋण भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक के द्वारा दिया जाएगा तथा संचालक ऐजेंसी राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट कम्पनी थी।

मेक इन इंडिया

25 सितम्बर 2014 को केन्द्र सरकार द्वारा मेक इन इंडिया अभियान का शुभारम्भ किया गया। इसका संचालन औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा किया जा रहा है।


Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,592FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles


Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5835