महत्वपूर्ण दिवस व योजना (Important Day and Plan-Yojana)

 स्वास्थ्य से सम्बन्धित महत्वपूर्ण दिवस व योजना एक नजर
(Important Days and Planning Related to Health)

महत्वपूर्ण-दिवस-योजना
महत्वपूर्ण-दिवस-योजना

1. विश्व विकलांगता दिवस :- 15 मार्च
2. विश्व एड्स दिवस :- 1 दिसम्बर
3.विश्व स्वास्थ्य दिवस :- 7 अप्रेल
4. विश्व कैंसर दिवस :- 5 अक्टम्बर
5. पल्स पोलियो दिवस :- 6 अप्रेल
6. कुष्ठ निवारण दिवस – 30 जनवरी
नोट :- सभी जिला अस्पतालों में जननी सुरक्षा योजना के तहत सुरक्षित प्रसव के लिये एक यशोदा लगाई गई है । 5 प्रसव पर एक यशोदा की नियुक्ति की जाती है ।
2. ऑपरेषन ब्लेकबोर्ड (Operation blackboard):- यह कार्यक्रम 1987-88 में सर्वशिक्षा अभियान के तहत शुरू हुआ ।
3. डॉक्टर आपके द्वार योजना (Doctor Apake Dvar Yojana):- यह योजना 2007-08 में शुरू की गई । इस योजना का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को प्रत्येक माह की एक निश्चित तिथि को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना है
4. अभिलाषा योजना (Abhilaasha Yojana): यह योजना 2007-08 में प्रारम्भ की गई । वृक्षों की देखभाल हेतु महिलाओं एवं युवकों को प्रशिक्षित करने हेतु प्रारम्भ की गई ।
5. सरकार आपके द्वार योजना (Sarkar Apake Dwar Yojana):- राजस्थान सरकार द्वारा यह योजना 8 दिसम्बर 2005 को पूरे राज्य में यह योजना प्रारम्भ की गई ।
6. घरोंदा योजना (Gharonda Yojana):- यह योजना 2004-05 में प्रारम्भ की गई । राज्य सरकार द्वारा पंचायत एवं आवासन मण्डल की सहायता से यह योजना प्रारम्भ की गई।
7. काम के बदले अनाज योजना (Kam ke Badale Anaj Yojana):- 13 अक्टूम्बर 2004 को यह योजना देश के 150 जिलों में प्रारम्भ की गई।
8. अन्नापूर्णा योजना (Annapoorna Yojana):-1 अप्रेल 2000 से यह योजना प्रारम्भ की गई । यह योजना केन्द्र सरकार द्वारा संचालित है ।
9. मरू विकास कार्यक्रम (Maroo Vikas Karyakram):- यह कार्यक्रम 1977-18 से राज्य जिलों में संचालित किया जा रहा है । 1 अप्रेल 1999 से इसमें केन्द्र एवं राज्य सरकार की हिस्सेदारी 75:25 की है ।
10. सूखा सम्भाव्य क्षेत्र कार्यक्रम (D.P.A.P.) :- यह कार्यक्रम 1974-75 से राज्य के 11 जिलों में संचालित है। 1 अप्रेल 1999 से केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी 75:25 की है ।
11. जिला गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम (DPIP) Jila Garibi Unmoolan Karyakram):- यह कार्यक्रम विश्व बैंक की सहायता से सन् 2000 में प्रारम्भ किया गया। यह योजना राज्य के सात जिलों में संचालित है । दौसा, चुरू, बारां, धौलपुर, झालावाड़, राजसमन्द तथा टोंक।

– इसमें 7 जिलों में कुल 96 गैर सरकारी संगठनों की सेवाएँ ली गई है ।
12. राजस्थान जल क्षेत्र पुर्नसंरचना योजना (Rajasthan Jal Kshetr Punah sanrachana):- इस परियोजना का उद्देश्य 91वें चयनीत सिंचाई परियोजनाओं का नहरी उत्थान कार्य करना है । इस हेत कुल 506 जल उपयोग समितियाँ गठित की गई है । यह योजना मार्च 2013 में पुरी हो गई है । इस योजना की अवधि अप्रैल 2002 से मार्च 2013 थी । इस परियोजना की कुल संशोधित राशि 997 करोड़ रूपये थी । जिसमें 665 करोड़ रूपये विश्व बैंक द्वारा प्रदान किये गये है ।
13. राजस्थान हेल्थ सिस्टम डवलपमेन्ट प्रोजेक्ट (RHSDP) (Rajasthan Health System Development Project):- विश्व बैंक की सहायता से 21 जुलाई 2004 को पाँच वर्षों के लिये मुख्यमंत्री (श्रीमती वसुन्धरा राजे) द्वारा प्रारम्भ की गई थी । इस योजना का उद्देश्य गरीबी व स्वास्थ्य सेवा से वंचित लोगों के स्वास्थ्य में सुधार करना है ।
14. बीसलपुर-जयपुर जलापूर्ति योजना (Bisalpur-Jaipur Jalapoorti Yojana):- यह योजना 2 भागों में संचालित है । इसके प्रथम भाग में एशियाई विकास बैंक द्वारा सहयोग दिया जा रहा है । इसका मुख्यालय मनीला है । इसमें ट्रान्समिशन सिस्टम शामिल है जिसके तहत पानी को सांगानेर के वालावाला गाँव तक लेजाया गया है । इसका दूसरा भाग बिसलपुर-जयपुर जल वितरण परियोजना जापान अन्तर्राष्ट्रीय कॉर्पोरेशन ऐजेन्सी के सहयोग से चालाया जा रहा है ।

15. एम. पावर योजना M.Power Yojana):- पश्चिमी राजस्थान में गरीबी उन्मूलन परियोजना है । “इन्टरनेशनल फण्ड फोर एग्रीकल्चर डवलपमेन्ट’ के सहयोग से पश्चिमी राजस्थान के छ: जिलों में एक ब्लॉक में यह परियोजना प्रारम्भ की गई है । इस योजना की समयावधि 2008 से 2014 है ।
✔️ यह परियोजना निम्न ब्लॉकों में कार्यरत्त है :─
बाप – जोधपुर
साकडा – जैसलमेर
सांचौर – जालौर
आबूरोड़ – सिरोही
बाली – पाली
बायतू – बाडमेर
16. ग्रामीण जलप्रदाय परियोजना (आपणी योजना) (Apani Yojana):- यह परियोजना जर्मनी के के.ए.डब्ल्यू द्वारा घोषित है । इस योजना का उद्देश्य स्वच्छ पानी की आपूर्ति तथा सिंचाई सुविधाओं का विकास करना है । इसके अन्तर्गत 376 गाँव है। पीने योग्य पानी की आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है । 2 कस्बे तारानगर व सरदार शहर को भी इस परियोजना से लाभान्वित किया गया ।
✔️ इसकी समयावधि जुलाई 1994 से दिसम्बर 2009 तक थी, किन्तु इसे एक वर्ष के लिये बढ़ाया गया था । इस परियोजना की कुल लागत 429.65 करो रूपये थी । जिसमें 352.58 करोड़ रूपये KFW जर्मनी
से प्राप्त हुए थे ।
17. राजस्थान लघु सिंचाई परियोजना :- यह योजना जापान अन्तर्राष्ट्रीय कार्पोरेशन ऐजेन्सी (JBIC) के सहयोग से प्रारम्भ की गई है । इसकी समयावधि 2005 से मार्च 2013 थी । इस परियोजना का उद्देश्य जल प्रबन्ध व कृषि व्यवस्था में सुधार तथा कृषि क्षेत्रों की आय बढाना व गरीबी दूर करना था ।
18. राजस्थान शहरी क्षेत्र विनीयोग ढांचागत विकास परियोजना :- यह योजना एशियाई विकास बैंक (ADB) के सहयोग से प्रारम्भ की गई थी । इस योजना की समयावधि 2007 से 2008 थी । यह योजना में एशियाई विकास बैंक की भागीदारी 70 प्रतिशत तथा 30 प्रतिशत भागीदारी राज्य सरकार की थी । यह परियोजना 15 शहरों के अन्तर्गत संचालित की गई है । यह योजना का उद्देश्य शहरी वातावरण में सुधार एंव राज्य के आर्थिक विकास व पर्यटन को बढ़ावा देना है ।
19. राजस्थान वानिकी विकास एवं जैव विविधता कार्यक्रम :- यह योजना जापान अन्तर्राष्ट्रीय कार्पोरेशन एजेन्सी (JBIC) के सहयोग से प्रारम्भ की गई थी । इस परियोजना की समयावधि अप्रेल 2003 से जुलाई 2010 थी । यह योजना में कुल राज्य के 18 जिले शामिल थे । यह योजना का उद्देश्य मरूस्थलीय करण को रोकना, सघन वृक्षारोपण, नहरों-सड़कों आदि का संरक्षण करना था ।
20. पन्नाधाय जीवन अमृत योजना (Pannadhaya Jivan Amrat Yojana):- यह परियोजना जापान (LIC) भारतीय जीवन बीमा निगम के माधयम से 14 अगस्त 2006 को प्रारम्भ की गई थी । इस योजना में बी.पी.एल. मुखिया को निःशुल्क बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है ।
21. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PradhanMantri Gramin Sadak Yojana):- ग्रामीण विकास के लिये ग्रामीण सड़कों को सम्पर्क गाँव की सड़कों से जोडने हेतु 25 दिसम्बर 2000 में यह योजना प्रारम्भ की गई ।
22. स्मार्ट कार्य योजना (Smart Kary Yojana):- प्रदेश के आठ जिलों में यह योजना 1 अप्रैल 2008 से प्रारम्भ की गई है । इस योजना में बी.पी.एल. परिवार हेतु 30,000 रूपये की राशि इलाज हेतु प्रदान की जाती है । इस योजना में केन्द्र सरकार की भागीदारी 75 प्रतिशत एवं सरकार की भागीदारी 25 प्रतिशत है ।
23. मुख्यमंत्री पंचामृत अभियान (PradhanMantri PanchaMrat Yojana):- स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 26 जनवरी 2006 को यह योजना प्रारम्भ की गई।

नोट :- जून 2010 में राजस्थान सहित पाँच प्रदेशों में कम आयु में लड़कियों की शादी होने व बढ़ती आजादी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जनसंख्या नियन्त्रण कोष की ओर से प्रेरणा योजना प्रारम्भ की गई है ।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,377FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles