Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831
Impact of Globalization on Indian Agriculture - gk website
Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831

Impact of Globalization on Indian Agriculture

भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव
(Describe the impact of Globalization on Indian agriculture)

Impact of Globalization on Indian Agriculture
Globalization on Indian Agriculture

वैश्वीकरण-उत्तरप्रभाव
(DEGLOBALIZATION-THE AFTEREFFECTS)
परिचय (Introduction):-
Globalization meaning in Hindi :-

1995 में तमाम देश वैश्वीकरण की राह पर आगे बढ़े और अत्यंत वैध वैश्विक निकाय, विश्व व्यापार संगठन के तहत एकजुट हुए।

👉 29 March Current Affairs Questions

विकासशील देशों की आशंकाएं जल्द ही कम हो गईं क्योंकि उन्होंने इसका आर्थिक लाभ प्राप्त करना शुरू कर दिया था।

द्यपि वैश्वीकरण की प्रक्रिया उतार-चढ़ाव भरी (Chequereh) रही है। इससे उभरती अर्थ-व्यवस्थाओं को लाभ प्राप्त हुआ है, यही वजह है कि ये अब भी प्रकिया की विश्वस्त समर्थक हैं।

👉 किसान आत्महत्या पर निबंध (कृषि ऋणग्रस्तता)

लेकिन अचानक ऐसा लग रहा है मानो विश्व ने उल्टी दिशा की राह पकड़ ली हो और ऐसा प्रतीत हो रहा है कि विपरीत-वैश्वीकरण (गैर-वैश्वीकरण) की प्रकिया की ओर उन्मुख है (मार्च 2017 तक के संकेतों के आधार पर) है। इस राह पर सफर के निश्चित तौर पर विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर अलग-अलग दीर्घकालिक और लघुकालिक प्रभाव पड़ेंगे।

बहरहाल उभरती या संभावनाशील बाजार अर्थव्यवस्था को इसके कारण कुछ अलग ही चुनौतियों का सामना करना होगा।

विश्व की बदलती रूपरेखा
(Changing Global Contours):-
Describe the impact of Globalization on Indian agriculture :-

  1. गैर-वैश्वीकरण की बीज की तलाश वर्ष 2007-08 के वैश्विक वित्तीय संकट एवं विकसित अर्थव्यवस्था के इससे उबर पाने की नाकामी में तलाशी जा सकती है।
  2. इन अर्थव्यवस्थाओं में महा प्रतिसार (Great Recession) से उबर पाना काफी कठिन था।
  3. यहां तक कि अपरंपरागत मौद्रिक नीतियों पर चलने तक की कोशिश की गई (नकारात्मक ब्याज दर के दौर को भी आजमाया गया) लेकिन ये उपाए परिणामकारक नहीं रहे।
  4. इसके मद्देनजर कई अर्थव्यवस्थाओं ने ‘संरक्षणवादी’ सुर आलापने शुरू कर दिए हैं।
  5. ‘ब्रेक्सिट’ से शुरू होकर यूएस में ‘संरक्षणवादियों का उदय’ (ट्रम्प के आगमन के बाद के दौर में) वैश्वीकरण की प्रक्रिया के ‘यू-टर्न’ ले लेने का बड़ा संकेत है।
  6. वैश्वीकरण की प्रक्रिया के यू-टर्न ले लेने के वजह की बुनियाद दरअसल 1995 के आरंभ हुई वैश्वीकरण के पश्च प्रभावों में अंतर्निहित है। 
  7. वैश्वीकरण का अनुभव विभिन्न सदस्य राष्ट्रों के लिए एक जैसा या एकल नहीं रहा। कुछ देशों ने भारी लाभ कमाए जबकि कई दूसरों ने अपने व्यापारिक साझेदार के साथ बड़े भारी नुकसान का अनुभव प्राप्त किया। 
  8. विगत एक दशक के दौरान कृषि, लोक खाद्यान्न भंडारण, दवाओं का पेटेंट एवं जलवायु जैसे तमाम विवादास्पद मामलों के अलावा दुनिया में तेजी से बढ़ती जा रही आय की असमानता, पर्यावरण पर प्रतिकूल असर और वैश्वीकरण के ‘नकारात्मक पक्ष’ जैसे कुछ बड़े मसलों पर पूरे विश्व में खूब जोर-शोर से चर्चाएं की गईं। 
  9. इन कारणों से वैश्वीकरण की प्रक्रिया के प्रति विकसित अर्थव्यवस्थाओं में कुछ हद तक नकारात्मक भावनाएं बढ़ती जा रही हैं। 
  10. आश्चर्यजनक बात यह है कि ऐसे अंदेशे विकासशील देशों ने जाहिर किए थे वह भी तब जब WTO की स्थापना पर परिचर्चा का दौर था।
  11. जी-20 शिखर सम्मेलन (बाडेन, जर्मनी, मार्च 2017 के मध्य) में भूमंडलीकरण के खिलाफ जोरदार स्वर सुनने को मिला। 
  12. अमेरिकी ने जी-20 के प्रमुख देशों जैसे कि जर्मनी और चीन के साथ बढ़ते जा रहे व्यापारिक घाटों पर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं। 
  13. हालांकि इसने व्यापार युद्धों (Trade wars) में उतरने की अपनी किसी इच्छा से इनकार किया, लेकिन अपेक्षाकृत उचित व्यापार का जोरदार रूप से आह्वान किया। 
  14. इaतना ही नहीं, शिखर सम्मेलन के आखिर में, अमेरिका ने स्पष्ट रूप से न केवल नाफ्टा (NAFTA) के साथ, बल्कि डब्ल्यूटीओ (WTO) के साथ भी फिर से बातचीत करने की इच्छा प्रकट की। 
  15. संरक्षणवादी के रूप में अमेरिका के उदय ने न केवल जी-20 शिखर सम्मेलन को लगभग विफल कर दिया बल्कि वैश्वीकरण के सफर को उल्टी दिशा दे दी। 
  16. वैश्वीकरण का सफर अब पूरी तरह से अनिश्चित होता दिखाई दे रहा है।

उपरोक्त परिघटनाएं यह बताती हैं कि विश्व (या कम-से-कम वे अर्थव्यवस्थाएं जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं) ने जोरशोर से अपनाए गए वैश्वीकरण के विचार से धीरे-धीरे मुंह मोड़ना शुरू कर दिया है और अब पूरा विश्व अ-वैश्वीकरण के दायरे में सिमटने जा रहा है।

इससे बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक अंतनिर्भरता की संभावनाएं घटती जा रही हैं। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि उम्मीदें बची ही नहीं हैं।

विश्व की विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं में वैश्वीकरण कि इच्छाशक्ति प्रत्येक अर्थव्यवस्था के लिए सार्वभौमिक या समान तीव्रता वाली नहीं हैं। बेहतर होगा कि हम कहें कि यह चयनात्मक लगता है।

क्षेत्रीय व्यापारिक समझौतों का असर
(Impact of Regional Trade Agreements):-
Globalization challenges and opportunities a flattened world:-

  1. वैश्वीकरण की चुनौतियां और एक चपटी दुनिया के अवसर:-
  2. बहुत उम्मीद से किए क्षेत्रीय व्यापार समझौते, राष्ट्रों में, विशेष रूप से विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बीच संरक्षणवादी मुहिम के उदय के कारण अप्रासंगिक हो रहे हैं।
  3. कुछ ऐसे ही सबसे महत्वाकांक्षी समझौते – ट्रांस-अटलांटिक पार्टनरशिप पीछे लगी सबसे बड़ी ताकत (USA) के पीछे हटने से बेपटरी हो गई है।
  4. संयुक्त राज्य अमेरिका ने इससे समझौता प्रक्रिया से अपने कदम खींच लिए हैं। यह अमेरिका के बिना कैसे अस्तित्व में आएगा, अभी भी स्पष्ट नहीं है या यह फिर अस्तित्व में आने से पहले ही दम तोड़ देगा, आज इस बारे में कोई बस अनुमान ही लगा सकता है।
  5. संयुक्त राज्य अमेरिका और यूके से संबद्ध ज्यादातर क्षेत्रीय व्यापार समझौते (उदाहरण के लिए नाफ्टा, साफ्टा, आदि) संक्रमण की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं दूसरी तरफ विकासशील देश अंतर-क्षेत्रीय और बहुपक्षीय व्यापारों को बढ़ावा देने के लिए उत्सुक हैं क्योंकि इनसे उन्हें लाभ की संभावना है।
  6. भारत और ब्रिक्स के मामले में वैश्वीकरण की राह को सुदृढ़ करना अत्यधिक ही जरूरी है।
  7. विशेष रूप से भारत के मामले में, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की धारा व्यापक रूप से वैश्वीकरण की सफलता पर निर्भर करती है।

बहुपक्षीयवाद का भविष्य
(The Future of Multilateralism)

विशेषज्ञों का मानना है कि बहुपक्षीयवाद का भविष्य अब उभरते बाजार अर्थव्यवस्थाओं के कार्यों और कदमों पर निर्भर करेगा।

विशेषज्ञों का एक वर्ग इसे इतिहास की पुनरावृत्ति मान रहा है-ऐसा लग रहा है कि दुनिया एक बार फिर से अपनी वही पुरानी राह पकड़ ली है, जो 1970 के दशक के अंत तक GAAT (जनरल एग्रीमेंट एंड ट्रेड एंड टैरिफ-जीएएटी) के अवसान का कारण बना था।

वैश्वीकरण के भाग्य पर फैसले देना अभी संभव नहीं है, लेकिन तब यह है कि इसके पक्ष में चीजें बहुत कमजोर लगने लगी हैं।

भारत का मामला (India’s Case):-

  1. विशेषज्ञों के दृष्टिकोणों और आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 के अनुसार, भारत को गरीबी उन्मूलन, विकास दर को बढ़ाने और विकसित दुनिया के समूह में शामिल होने की अपनी सामाजिक-आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक जीवंत बहुपक्षीय व्यापारिक दुनिया की जरूरत है।
  2. इसलिए देश को बहुपक्षीय दुनिया के समर्थन में आगे बढ़ने की जरूरत है।
  3. इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर वैश्वीकरण के रुझान रखने वाले देशों के साथ बातचीत करने की आवश्यकता है।
  4. साथ ही, इसके लिए कुछ बेहद आकर्षक क्षेत्रीय और अधिमान्य व्यापारिक समझौतों की रूपरेखा को तैयार करना होगा।
  5. अपनी वृद्धि दर को 10 प्रतिशत के स्तर तक बढ़ाने के लिए, भारत को निर्यात के सक्रिय समर्थन की आवश्यकता है।
  6. यदि विकसित देशों को चीन के साथ व्यापार करने पर आशंका है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत को लेकर भी बहुत सशंकित हैं। 
  7. भारत विकसित देशों को स्वयं के साथ आगे बढ़ने के (वृद्धि) लिए मदद कर सकता है। 
  8. वर्तमान में जब चीन अपनी अर्थव्यवस्था और व्यापार को फिर से संतुलित करने में व्यस्त है (यह मुश्किल भी है), भारत को इस संबंध में अपने इरादों को साफ करने और इस कार्रवाई को प्राथमिकता देने से संबंधित कोई मौका हाथ से नहीं निकलने नहीं देना चाहिए। 
  9. भारत गैर-वैश्वीकरण (न ही अन्य उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाएं) को बर्दाश्त नहीं कर सकता। 
  10. अतः भारत को बहुत हद तक भूमंडलीकरण का सख्ती से समर्थन करना चाहिए। विकसित दुनिया में व्यावहारिक भागीदारों को तलाश पाने की उच्च संभावनाएं मौजूद हैं।

निष्कर्ष (Conclusion of Globalisation):-

वैश्वीकरण की संभावना अब पूरी तरह समाप्त हो गयी है ऐसी बात नहीं है। ऐसे लाभों के बारे में भी अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है, जो अमेरिका या यूके के वैश्वीकरण के विपरीत संरक्षणवादी होने से होंगे।

संभव है कि संरक्षणवाद का रसास्वादन करने के पश्चात् वे पुनः वैश्वीकरण की राह पर वापस लौट आएं।

चूंकि विकसित देशों ने विश्व व्यापार संगठन के प्रचारित भूमंडलीकरण के प्रभाव का गलत अनुमान लगाया है, यहां यह भी सम्भव है कि संरक्षणवादी हो जाने के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव की गणना में भी वे एक विफल हो जायें, इसका मतलब यह है, कि, वैश्वीकरण के ऊपर जो फैसला लिया गया है, वह अंतिम नहीं है।

फिलहाल, भारत वैश्वीकरण की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करने की दिशा में उच्च प्रयास कर रहा है।

इस दिशा में काम करते हुए जहां यह एक ओर प्रस्तावित ‘क्वाड’ (Quad) पर जापान, आस्ट्रेलिया एवं संयुक्त राज्य अमेरिका से वार्ता में संलग्न है (इसे ‘एशियाई नाटो’ भी कहा जा रहा है)

वहीं दूसरी तरफ दक्षिण-पूर्व एशिया प्रदेश में यह प्रादेशिक व्यापक आर्थिक सहयोग (RCEC) की दिशा में भी प्रयासरत है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,587FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles


Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831

Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/u793807974/domains/haabujigk.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 5831