Hanumangarh (हनुमानगढ़) District Jila Darshan

हनुमानगढ़ 

hanumangarh district area-9,656 km²
hanumangarh district tehsil map-
hanumangarh district tehsil list-total tahsil-7
hanumangarh district village list-total village-391
hanumangarh district pin code-335511
hanumangarh district population- 17.7 lakh

Hanumangarh (हनुमानगढ़) District Jila Darshan
hanumangarh-district-map

परिचय

यहां पर भटनेर दुर्ग का निर्माण जैसलमेर के राजा भाटी के पुत्र भुपत ने 295 ई. मे करवाया था।

इसे उतरी सीमा का प्रहरी कहा जाता था।

बीकानेर के राव सुरत सिंह ने इसे 1805 में मंगलवार के दिन जीतकर इसका नाम हनुमानगढ रखा।

12 जुलाई 1994 को यह गंगानगर से अलग होकर नया जिला बना।

यह राज्य का 31वां जिला है।

इन्दिरा गांधी नहर की रावतसर शाखा इसकी 9 शाखाओ मे पहली है जो बांयी तरफ से निकलती है।

बीकानेर के राजा रामसिंह ने यहां पर भद्रकाली मंदिर बनवाया।

हनुमानगढ सर्वाधिक कपास उत्पादक जिला है।

यही पर चौधरी कुम्भाराम लिफट नहर है।

यहां पर शत प्रतिशत नहरो द्वारा सिंचाई होती है।

राजस्थान मे खेल का सामान हनुमानगढ मे ही बनाया जाता है।

राज्य मे भाखड़ा नांगल बांध से सर्वाधिक सिंचाई यहां होती है।

स्थान विशेष

भटनेर दुर्ग-

  1. इस दुर्ग का निर्माण भगवान श्री कृष्ण की 90वीं पीढी मे जन्मे जैसलमेर के राजा भुपत ने करवाया।
  2. घग्घर के पानी ने इसके महत्व को हमेशा बनाए रखा क्योकी तत्कालीन जांगल प्रदेश का यही एक मात्र ऐसा प्रदेश था जहां वर्षभर फसले होती थी।
  3. तैमुर ने अपनी आत्मकथा तुजुक ए तैमुरी में यहां तक लिखा की उसने इतना मजबुत व सुरक्षित किला पुरे हिन्दुस्तान मे कहीं नही देखा।

शिला मेला- हनुमानगढ टाउन में बस स्टैण्ड के समीप शिला माता का मेला प्रत्येक गुरूवार को भरता है।

इंडो-डच जल निकासी परियोजना– जिले के सेम प्रभावित क्षेत्रो में जल निकासी हेतु नीदरलैण्ड के आर्थिक सहयोग से प्रारम्भ हुई योजना।

हनुमानगढ़ कताई मिल- राज्य मे सहकारी प्रतिष्ठान स्पिनफैड की हनुमानगढ मिल को वर्ष 2005-06 के लिए देश भर की सहकारी कताई मिलों में विभिन्न स्तरो पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर तीन राष्ट्रीय पुरूस्कार दिए गए है।

संगरिया- स्वामी केशवानन्द स्मारक व संग्रहालय।

पीलीबंगा- यहां पर हड़प्पा कालीन सभ्यता के अवशेष मिले है।

कालीबंगा- पुरातात्विक स्थल जहां पर पहली बार दोहरे जुते हुए खेत मिले है तथा यहां पर काली चुड़ीयां प्राप्त हुई है।

रंगमहल- यह एक पुरातात्विक स्थल है।

पल्लु- यहां पर ब्राह्माणी माता का मंदिर है। जो प्रमुख आस्था का स्थल है।

गोगामेड़ी- यह फिरोज शाह द्वारा निर्मित मस्जिदनुमा मंदिर है। जो लोकदेवता गोगाजी का तीर्थस्थल है। यह स्थान धुरमेड़ी के नाम से प्रसिद्ध है। गोगामेड़ी का मेला भाद्रपद कृष्ण नवमी को लगता है। इस मंदिर की बनावट मस्जिद के समान है जिसके द्वार पर बिस्मिल्ला अंकित है।

नदी विशेष

घग्घर नदी-

  1. इसका उद्गम हिमाचल में शिवालिक की पहाड़ी या कालका की पहाड़ी से होता है।
  2. हिमाचल मे बहकर यह पंजाब व हरियाणा मे से बहती हुई राज्य मे हनुमानगढ़ की टिब्बी तहसील के तलवाड़ा गांव से प्रवेश करती है।
  3. भटनेर के पास यह लुप्त प्राय हो जाती है।
  4. इसे सरस्वती, नट, नाली, द्वषदती, मृत तथा सोतर के नाम से जाना जाता है।
  5. हिमालय से जल लाने वाली व राज्य मे उतर दिशा से जल लाने वाली राज्य की एकमात्र नदी है।
  6. पाकिस्तान में इसके बहाव क्षेत्र को हकरा कहते है।
  7. नदी के उफान मे होने पर इसका जल रंगमहल से होते है
  8. श्रीगंगानगर के अनुपगढ से होते हुए पाकिस्तान मे फोर्ट अब्बास तक पहुंच जाता है।
  9. इस नदी को राजस्थान का शोक कहते है।
  10. राज्य में प्रवाहित होने वाली एकमात्र अन्तराष्ट्रीय नदी है।
  11. यह सबसे लम्बी आन्तरिक प्रवाह की नदी है। इसकी लम्बाई 465 कि.मी. है।

👉 मुख्य झीले- तलवाड़ा झील
👉 मुख्य सभ्यताएं- रंगमहल व कालीबंगा
👉 दुर्ग– भटनेर दुर्ग
👉 कृषि विशेष

सर्वाधिक क्षेत्रफल वाली फसले- कपास

सर्वाधिक उत्पादन वाली फसले- कपास, चावल, धान व अनार

👉 मुख्य मेले- गोगामेड़ी पशु मेला श्रावण मास मे पुर्णिमा से भाद्र पुर्णिमा तक आयोजित होता है।
👉 उर्जा क्षेत्र- 10 मेगावाट का बायोमॉस उर्जा संयंत्र संगरिया मे है।
hanumangarh district news

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