Dausa (दौसा) District Jila Darshan

 दौसा 

Dausa District Tahsil Map-

Dausa District Area- 3432 km2
Dausa District Tahsil list- total tahsil-5
Dausa District Village list- total village-246
Dausa District Population-16,34,409
Dausa District Pin code-303303

Dausa (दौसा) District Jila Darshan
Dausa-district-map

परिचय

➥ दौसा को कछवाहा राजवंश की प्रथम राजधानी होने का गौरव प्राप्त है।

यह ढुंढाड़ राज्य की प्रथम राजधानी था।

10 अप्रेल 1991 को जयपुर से अलग होकर दौसा को नया जिला बनाया गया।

दौसा देवगिरी पहाड़ी की तलहटी मे बसा है।

दौसा राज्य का 28 वां जिला है।

दौसा का आर.जे. नम्बर 29 है तथा वन्य जीव विभाग द्वारा इसका शुभंकर खरगोश को बनाया गया है।

दौसा के बासड़ी बोरोदा क्षेत्र में सोने व युरेनियम के विशाल भण्डार मिले है।

15 अगस्त 1992 को सवाईमाधोपुर से महआ तहसील को दौसा मे मिलाया गया।

➥ दौसा की आकृती धनुषाकार है।

➥ बसवा नामक स्थान पर ही राणा सांगा की मृत्यु हुई थी।

➥ इसी स्थान से कुछ दुरी पर धुमतलाई नामक स्थान पर राणा सांगा की छतरी स्थित है।

➥ राज्य के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल का सम्बंध इस जिले से है।

➥ आठवीं पंचवर्षीय योजना में राज्य के एकमात्र दौसा जिले का चयन खादी ग्रामोद्योग के मार्फत विशेष रोजगार योजना के लिए किया गया था।

➥ यहां के लवाण गांव मे तैयार दरीयों को विदेशो मे भी खास पहचान मिली है।

स्थान विशेष

मेहन्दीपुर बालाजी-

  1. इस स्थान पर घाटा बालाजी के नाम से प्रसिद्ध श्री बालाजी महाराज का मंदिर है
  2. जहां पर वर्षभर मेले का माहौल रहता है।
  3. भूत-प्रेत बाधाओ को दुर करवाने के लिए दुर दराज से लोग यहां पर आते है।

आभानेरी-

  1. 8-9वीं सदी की मुर्तियो के लिए यह स्थान प्रसिद्ध है।
  2. इसके अलावा यहां पर प्रसिद्ध चांदी बावड़ी, हर्षत माता का मंदिर जो प्रतिहार कला से निर्मित है तथा महामारू शैली के मंदिरो के लिए जाना जाता है।
  3. यह स्थान प्राचीन काल मे निकुम्भ क्षत्रियो की राजधानी रहा है।

लालसोट- यहां पर छ: स्तंभो की बंजारो की छतरी है। यहां पर बीजासनी माता का मेला विशेष आकर्षण का केन्द्र है। सर्वाधिक प्रसिद्ध ख्याल नाट्य यहीं के है।

लवाण- यह स्थान दरी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।

आलुदा- यहां पर प्रसिद्ध बुबानिया कुण्ड है।

भांडारेज- यह स्थान प्राचीन सांस्कृतिक स्थल के रूप मे विकसित हुआ है तथा बावड़ियो के लिए प्रसिद्ध है।

गेटोलाव- यह स्थान संत सुरदास की दीक्षा स्थली के रूप मे जाना जाता है।

तुंगा- प्रतापसिंह के नेतृत्व मे मराठो को राजस्थान से भगाने के लिए इस स्थान पर सम्मेलन किया गया था। है।

हींगवा- यह स्थान नाथ सम्प्रदाय के लिए विशेष महत्व रखता है।

झांसीरामपुरा- यहां पर प्रसिद्ध झांझेश्वर महादेव का मंदिर है।

अन्य प्रमुख स्थल- हजरत शेख शाह जमाल बाबा की दरगाह, गुढा का किला, गीजगढ़ का किला, देवगिरी की पहाड़ी, निमला राइसेला-लौह अयस्क क्षेत्र आदि।

प्रमुख बांध परियोजनाएं- माधोसागर, झिलमिल, चिरमिरी व रेडियो कालोखा/कालखोह बांध परियोजना

प्रमुख झील- झिलमिल झील

मुख्य बावड़ी- चान्द बावड़ी व आभानेरी बावड़ी

Dausa District Collector

Dausa District Wikipedia

Dausa District News

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