Baran (बारां) District Jila Darshan (Rajasthan)

बारां

उपनाम राजस्थान का वराह नगर, बरसाना
राजस्थान का मिनी खजुराहो -भण्डदेवरा/सलीमाबाद

Baran (बारां) District Jila Darshan (Rajasthan)
Baran-district-map

परिचय-

बारां की स्थापना सोलंकी राजपुत द्वारा 14वीं से 15वीं शताब्दी के मध्य की गई। स्थापना के समय इस क्षेत्र में 12 गांव आने के कारण यह क्षेत्र बांरा के नाम से जाना जाने लगा। बारां मे हाड़ोती का सबसे बड़ा मेला सीताबड़ी मेला ज्येष्ठ माह की अमावस्या को लगता है। यह मेला सहरिया जाति का कुंभ माना जाता है। बारां का शिकारी नृत्य प्रसिद्ध है। यहां पर सर्वाधिक सहरिया जनजाति के लोग निवास करते है। कपिल धारा तीर्थ स्थल भी यही पर है।

स्थान विशेष-

रेलावन – 2400 वर्ष पुराने सभ्यता अवशेष प्राप्त जो आहड़ सभ्यता के समकालीन है।

सोरसेन – यहां का ब्रह्माणी मंदिर प्रसिद्ध है यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां पर देवी की पीठ की पुजा होती है। गोडावण पाए जाने के कारण इस क्षेत्र को आखेट निषिद्ध घोषित किया गया है। गोडावण को स्थानीय भाषा मे मालमोरड़ी कहते है।

अन्ता – यहां पर एन.टी.पी.सी. द्वारा प्राकृतिक गैंस आधारित विद्युत संयत्र की स्थापना की है।

मांगरोल – टेरीकोट खादी की बुनाई का काम किया जाता है तथा मजुरिया मखमल का भी काम होता है। राज्य मे राइट टु रि-कॉल का प्रयोग करने वाली यह पहली नगरपालिका है।

शाहबाद – शाहबाद का दुर्ग भामती नामक पहाड़ी पर स्थित है। इसका निर्माण 1521 में चौहान राजा मुकुटमणि के द्वारा करवाया गया। कलिंजर अभियान में शेरशाह सुरी यहां पर ठहरे थे। यही पर राजस्थान की सबसे बड़ी मस्जिद शाहबाद मस्जिद भी है।

सीताबाड़ी – यहां पर सहरिया जाति का महाकुंभ सीताबड़ी मेला आयोजित होता है।

अटरू – यहां फुलदेवरा मे मामा भान्जा का मंदिर व शेरगढ दुर्ग है। शेरगढ किले का निर्माण कोषवर्धन ने 8वीं सदी मे करवाया था।

कवई – कवई विद्युत परियोजना से संबध

छबड़ा – यह राज्य का तीसरा सबसे बड़ा बिजलीघर है।

छीपां बड़ोद – लहसुन उत्पादन में अग्रणी जिला होने के कारण यहां पर लहसुन मण्डी स्थापित की गई है।

शेरगढ अभ्यारण्य – हाड़ोती क्षेत्र का सबसे महत्वपुर्ण पर्यटन स्थल

नदी विशेष-

पार्वती नदी – उद्गम मध्यप्रदेश के सेहोर से। राज्य में प्रवेश बारां के करयसहाट नामक स्थान से। यह नदी कोटा व बारां के मध्य प्राकृतिक

सीमा बनाती है।

परवन नदी – यह कोटा मे बहकर बारां के पलायता नामक स्थान पर कालीसिंध मे मिल जाती है। बारां के शेरगढ दुर्ग व अभ्यारण्य इसी के किनारे पर बने है।

👉 जिले की प्रमुख बांध परियोजनाएं-
हिंडलोत बांध
हथियादेह बांध
परवन बांध
बिलास बांध
अंधेरी परियोजना
👉 प्रमुख झीले – रामगढ व सीताबाड़ी झील
👉 प्रमुख दुर्ग- रामगढ व शाहबाद दुर्ग

👉 कृषि विशेष –

सर्वाधिक क्षेत्रफल वाली फसले – लहसुन, सोयाबीन व कुल तिलहन

सर्वाधिक उत्पादन वाली फसले – सोयाबीन, मसाले, तिलहन व धनिया

👉 ऊर्जा क्षेत्र –

छबड़ा थर्मल पावर प्रोजेक्ट 8 दिसंबर 2005 से कान्तिपुर गांव मे स्थापित। यह राज्य का तीसरा सुपर थर्मल पावर स्टेशन है।

राज्य में केन्द्र की पहली परियोजना के रूप में अन्ता गैंस विद्युत परियोजना स्थापित की गई है।

बॉयोमास परियोजनाए – भंवरगढ परियोजना – किशनगंज पचार परियोजना– छीपा बड़ोद

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