Alwar (अलवर) District jila darshan

अलवर 

Alwar (अलवर) District jila darshan
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 उपनाम–  राज्य का सिंहद्धार , राजस्थान का स्कॉट्लैंड ,पूर्वी राजस्थान का कश्मीर। 
➥ परिचय  अलवर की स्थापना मुग़ल के पतन के समय राव राजा प्रताप सिंह के द्वारा 1770 में की गयी।  अलवर शहर को आमेर के  राजा काकिल / कोकिल ने 1049 में बसाया। अलवर की उत्पति कनिघम के अनुसार साल्व जनजाति से हुई है। 

जिला विशेष 

 नीमराना –   यहाँ पर नीमराना का किला व पंचमहल दर्शनीय स्थान है। इसके अलावा यहाँ पर जापानी इंडस्ट्रियल जॉन व साऊथ कोरियन इंडस्ट्रियल जॉन स्थापित है। 
➥ बहरोड़ – यह स्थान जलानी  माता के मंदिर के लिए प्रसिद्ध हैं।  
➥ निमूचणा – यहाँ पर हुए किसान आंदोलन के दौरान हत्याकांड को गांधीजी ने राजस्थान का जलीयवाला हत्याकांड कहा था। 
➥ सिलीसेढ़ – महाराजा विजयसिंह  द्वारा 1844 में निर्मित झील व महल मुख्य स्थान है। यह स्थान भृतहरि की तपस्या स्थली है।  यहाँ पर भाद्र व वैशाख में  मेला आयोजित होता है।
➥ सरिस्का वन्य जीव अभ्यारण्य यह स्थान हरे कबूतरों, मोर पक्षी के अत्यधिक घनत्व, बाघपरियोजना के लिए प्रसिद्ध है। यह अलवर जयपुर मार्ग पर सरिस्का पैलेस और राज्य बाघ अभ्यारण्य का निर्माण राजा जयसिंह ने करवाया। 
 पाण्डुपोल – यहाँ पर हनुमान जी की शयन मुद्रा में मूर्ति है। यह स्थान पाण्डवो से सम्बन्ध रखता है। 
➥ राजगढ़ – यहाँ पर नाई जाति की कुलदेवी  नारायणी माता का मंदिर है , जहां पर प्रतिवर्ष मेला लगता है।  यही पर प्रतापसिंह द्वारा निर्मित कांकणवादी दुर्ग निर्मित है। इस दुर्ग में ओरंगजेब द्वारा दाराशिकोह को कैद रखा गया था। 
➥ बाला दुर्ग – इस दीर्घ का सम्बन्ध बाबर से है। 
➥ तिजारा – यहाँ पर अलाउद्दीन आलमशाह का मकबरा है तथा चंद्र प्रभु का एक  जैन मंदिर है। यही पर राष्ट्रीय स्तर का पहला खेलगांव जेरोली है। 
➥ टपूकड़ा – यहाँ पर पहला एकीकृत ओधोगिक पार्क स्थापित किया गया है। 
➥ भिवानी – यहाँ पर नोटों की स्याही बनाने का कारखाना है। इसके अतिरिक्त राज्य का तीसरा कंटेनर डिपो व फ़्रांस की ग्लास कंपनी सेण्टगोबेन ग्लास कम्प्नी भी यही पर है। इसे राजस्थान का नवीनतम मैनचेस्टर कहते है। यहाँ के खुशखेड़ा नामक स्थान को सिलीकन सिटी सेज नाम से जाना जाता है। 
➥ नीलकण्ठ – यह स्थान नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह प्रदेश प्राचीन समय में बड़गुर्जर नरेसो की राजधानी रहा है। 
➥ तालवृक्ष – यह ऋषि मांडव की तपोस्थली के रूप में जाना जाता है। 
➥ रावण डेहरा  अलवर के किले के नीचे प्राचीन नगर के ध्वंसाशेष मिले है इन्हे इसी नाम से जाना जाता है। 
➥ नोगांवा –  उतर भारत में दिगंबर जैनीयो का यह प्रमुख केंद्र है। यहाँ पर जैन तीर्थस्थल मल्लीनाथ जी का नौचोकिया मंदिर है। 
➥ डडिकर – यहाँ पर आदिमानव के शैलचित्र प्राप्त हुए है। 
➥ कैलाशबुर्ज –  इसे वॉयसराय लिनलिथगो के अलवर आगमन पर बनवाया गया था। 
➥ बड़ा बांध –  रूपारेल नदी पर बना यह बांध अलवर व भरतपुर को अलग करता है। 
➥ अन्य प्रमुख स्थल – विजयमंदिर पैलेश , लालदास जी का धौलीदुब , विनय विलास महल , मत्स्य महोत्सव व उदयनाथ पर्वत आदि। 
नदियाँ
➥ रूपारेल – इसका उद्गम थानागाजी तहसील में उदयनाथ पहाडी से होता है  तथा यह भरतपुर में विलुप्त हो जाती है। 
➥ साबी – जयपुर की सेंवर पहाड़ी से उद्गम , यह जिले की प्रमुख नदी है। 
➥ चूहड़सिद्ध – अलवर की चूहड़सिंह की पहाड़ीयो से उदगम ,शेखपुर  के निकट हरियाणा में प्रवेश करती है। 
➥ प्रमुख बाँध  परियोजनाए:- मंगलसर  , बड़ा बांध , विजयसागर , जयसागर  व जाडला बांध। 
➥ प्रमुख महोत्सव  – अलवर महोत्सव। 
 आर.टी.डी.सी. होटल – सरिस्का टाईगर डेन। 
 मुख्य मीनार –  फतेहगंज गुम्बद , सफदर जंग। 
➥ प्रमुख दुर्ग:- अजबगढ़ , भानगढ़ , नीमराना  एंव  कांकनवाडी।  
➥ उधोग 
  • सल्फयूरिक एसिड प्लांट। 
  • मोदी एल्केलाइन एंड केमिकल्स लिमिटेड। 
  • राजस्थान टेलीफोन लि. अरावली स्वचालित वाहन ली. 
➥ प्रमुख खनिज –  ताम्बा ,चीनी , मृतिका , बेराइट्स आदि। 

जिला विशेष
  • अलवर का प्रसिद्ध नृत्य खारी नृत्य है। 
  • झाखरना नस्ल की बकरी को अलवरी नाम से जाना जाता है जो सर्वाधिक दूध देती है। 
  • मत्स्य एकीकरण के प्रथम चरण में अलवर को राजधानी बनाया गया था।  मार्च 1949 को मत्स्य संघ ला विलय वृहत राजस्थान में ही गया जिससे अलवर एक अलग जिले के रूप में स्थापित हुआ। 
  • अलवर राज्य  एकमात्र ऐसा जिला है जिसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। 
  • राजस्थान में सर्वाधिक वृहत औद्योगिक इकाईया अलवर में है। 
  • यहाँ पर बहुत पहले बर्तन बनाने की कला विकसित है  जो कागजी का कहलाती है। 
  • यही पर राज्य की पहली प्याज मण्डी भी है। 
  • अलवर के राजेंद्र सिंह को उनके सिंचाई व जल संरक्षण कार्यो के लिए रमन मैग्नसे पुरस्कार दिया गया है। इनके द्वारा निर्मित लाव का बास बांध हाल ही में तेज बरसात से ढह गया था। 
  • यहाँ मुख्य रूप से मेव जाति  पायी  जाती है। 
  • यहाँ पर मेवाती बोली बोली जाती है। 
  • सरिस्का अभ्यारणय में ताल के वृक्ष पाए जाते है। 
  • सिलीसेढ़  झील में विनयसिंह ने शिलारानी महल का निर्माण करवाया। 
  • भिवाड़ी में ऑटोमोबाईल कॉम्पलेक्स औद्योगिक पार्क स्थित है। 
  • यहाँ पर माचिस उद्योग के सर्वाधिक कारखाने है। 
  • भानगढ़ का सोमनाथ मंदिर स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना है। 
  • अलवर में 80 खम्भों की मुसी  महारानी की छतरी है।  

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