1857 की क्रान्ति (Revolution of 1857)

 1857 की क्रान्ति
(Revolution of 1857)

1857-की-क्रान्ति-rajasthan
1857-की-क्रान्ति-rajasthan

राजस्थान के इतिहास की एकमात्र बाहरी शक्ति ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी (British East India Company) थी जिसने राजपूत राज्यों से बिना युद्ध किये समस्त राजपूताने को अपने नियन्त्रण एवं संरक्षण में ले लिया ।

👊 राजपूत शासकों द्वारा अंग्रेजों से सन्धि करने के कारण-
1. राजस्थान में मराठों व पिंडारीयों के निरन्तर आक्रमण
2. राजपूत शासकों की विद्रोहात्मक गतिविधियाँ
3. राजपूत शासकों में आपसी गृहकलह (मतभेद)
✔️ राजस्थान में सर्वप्रथम 1781 में जोधपुर (Jodhpur) रियासत के तत्कालीन शासक विजय सिंह ने अंग्रेजों से सन्धि करने का प्रयास किया, लेकिन यह सन्धि असफल हुई क्योकि अग्रेज इस समय राजपूतान के चक्कर में पड़ना नहीं चाहते थे ।
✔️ 29 सितम्बर 1803 को भरतपुर रियासत (Bharatpur) के तत्कालीन शासक रणजीत सिंह तथा अंग्रेज अधिकारी लॉर्ड लेक के मध्य सन्धि सम्पन्न हुई यह मित्रता के तोर पर की गई राज्य की प्रथम सन्धि थी । वारेन हेस्टिग्स के काल से अधीनस्थ सन्धियों का दौर आरम्भ होता है ।
नोट :- करौली रियासत (Karoli) राजस्थान की प्रथम रियासत थी, (राजा हरवक्षपाल ने) जिसने 9 नवम्बर 1817 को अंग्रेजों के साथ अधीनस्थ सन्धि की ।
नोट :- यह सन्धि 15 नवम्बर 1817 से प्रभावी हुई ।

✔️ कोटा (Kota) राजस्थान की दूसरी रियासत थी, जिसने अंग्रेजों के साथ 6 दिसम्बर 1817 को सन्धि सम्पन्न की । यह प्रथम व्यापक एवं प्रभावी सन्धि थी । इससे कोटा के शासक ने अपनी स्वतन्त्रता गिरवी रख दी ।
✔️ सन 1817 से 1823 तक राजस्थान की सभी रियासतों ने अंग्रेजों के साथ सन्धियां सम्पन्न कर ली।
✔️ राजस्थान की अंग्रेजों के साथ सन्धि करने वाली अंतिम रियासत सिरोही (Sirohi) थी । सिरोही ने 1823 में अंग्रेजों के साथ सन्धि की उस समय सिरोही का शासक शिव सिंह था ।
नोट :- अंग्रेजों के साथ सन्धि करने वाला प्रथम शासक हरवक्षपाल सिंह था, तथा प्रथम् रियासत करौली थी एवं अंग्रेजों के साथ सन्धि करने वाला राजस्थान का अंतिम शासक शिव सिंह था, एवं अंतिम रियासत सिरोही थी।
✔️ राजपूताने पर अपना प्रशासनिक नियन्त्रण बनाये रखने के उद्देश्य से 1832 में विलियम बैटिंक (William Batink) ने अजमेर (Ajmer) में एजेन्ट टू गर्वनर जनरल (AGG) स्थापित किया । 1845 में इस कार्यालय को अजमेर से माउन्ट आबू (Mount Abu) स्थानान्तरित कर दिया गया ।
नोट :- राजस्थान के प्रथम एजेन्ट टू गर्वनर जनरल (AGG) मिस. लॉकेट थे जबकि 1857 की क्रान्ति के समय राजस्थान के गवर्नर जनरल जॉर्ज पैथिक लॉरेन्स थे ।

👊 राजस्थान में 1818 से 1857 तक घटित प्रमुख घटनाएँ-

✔️ 25 जून 1818 को अंग्रेजों ने दौलतराव सिन्धियां से अजमेर प्राप्त किया। इस प्रकार अजमेर पर अंग्रेजों का आधिपत्य स्थापित हुआ।
✔️ मेरवाड़ा (Merwara) एक पहाड़ी प्रदेश था । यहां मेर जाती के लोग निवास करते थे । 1822-23 में अंग्रेजों ने इस पर अपना अधिकार कर लिया
✔️ अंग्रेजों के साथ कोटा रियासत ने 1817 में सन्धि की थी तथा इस सन्धि का 1818 में पुनरावलोकन किया गया तथा इस समय दो नई गुप्त शर्ते जोड़ी गई जिसके चलते कोटा रियासत के उम्मेद सिंह तथा झालिम सिंह के मध्य तनाव व मतभेदों की खाई गहरी होती गई जिसके चलते 1838 में कोटा राज्य का विभाजन हुआ तथा झालावाड़ रियासत (Jhalawar) का निर्माण हुआ । झालावाड़ रियासत का संस्थापक झाला मदन सिंह था ।
✔️ लार्ड डलहोजी (Lord Dalhoji) ने Doctorin of Leps राज्य हड़प नीति के तहत राजस्थान की करौली रियासत को इसके अन्तर्गत लाने का प्रयास किया लेकिन कम्पनी के निदेशक मण्डल ने इसकी अनुमति नही दी।
✔️ 1826 में अंग्रेजों ने भरतपुर की राजनीति में हस्तक्षेप किया । अंग्रेजों ने भरतपुर के बलवन्तराय के पक्ष में भरतपुर शासक शत्रुसाल के विरोध में आक्रमण किया । इस प्रकार 18 जनवरी 1826 को अजेय कहे जाने वाले लोहागढ़ दुर्ग पर अंग्रेजों का आधिपत्य स्थापित हो गया ।

1857 की क्रान्ति के पोलीटीकल एजेन्ट

रियासत (State) पोलिटीकल ऐजेन्ट (Political agent)
1 मारवाड़ (Marwar) मेंकमोसन (McMosson)
2 कोटा (Kota) बर्टन (Burton)
3 भरतपुर (Bhartpur) मॉरीशन (Maurition)
4 मेवाड़ (Mewar) मेजर शार्वास (Major Sharvas)
5 सिरोही (Sirohi) G.D. हॉल (G.D. Hall)
6 जयपुर (Jaipur) कर्नल ईडन (Colonel eden)
7 अजमेर मेरवाड़ा (Ajmer Merwara) लॉर्ड डिक्सन (Lord dixon)

1857 के विद्रोह की तिथियाँ एक नजर

विद्रोह (Rebellion) तिथियां (The dates)
1 नसीराबाद (Nasirabad) 28 मई 1857

2 भरतपुर (Bhartpur) 31 मई 1857
3 नीमच, निम्बाहेड़ा (Nimach, Nimbahera) 3 जून 1857 (कर्नल एबॉट)
4 ऐरनपुरा (Airanpura) 21 अगस्त 1857
5 आसोप, आलनियावास, गूलर, आउवा (Aesop, Alaniwas, Gular, Auva) 7 सितम्बर 1857
6 कोटा (Kota) 15 अक्टूम्बर 1857


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